रामगढ़, 4 अगस्त 2026 : झारखंड आंदोलन के महानायक और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव नेमरा में श्रद्धा और भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा के लुकैयाटांड़ में आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा में हजारों लोगों ने पहुंचकर गुरुजी को याद किया और उनके संघर्षों को नमन किया।
नेमरा में गुरुजी की याद में उमड़ा जनसैलाब
शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि के मौके पर पूरा नेमरा गांव भावुक नजर आया। दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे लोगों ने नम आंखों से झारखंड आंदोलन के इस महान नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम स्थल पर लोगों ने उनके योगदान, संघर्ष और झारखंड निर्माण में उनकी भूमिका को याद किया।
आदमकद प्रतिमा का हुआ अनावरण
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान दिशोम गुरु शिबू सोरेन की भव्य आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस मौके पर परिवार के सदस्यों के अलावा झारखंड सरकार के मंत्री, विधायक और कई राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे। सभी ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर गुरुजी को श्रद्धांजलि दी।
जल-जंगल-जमीन की लड़ाई के प्रतीक थे गुरुजी
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन सिर्फ एक राजनेता नहीं बल्कि झारखंड की पहचान और आदिवासी-मूलवासी अधिकारों की आवाज थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन जल, जंगल और जमीन की लड़ाई और झारखंड राज्य की अस्मिता के लिए समर्पित कर दिया।
युवाओं से गुरुजी के विचारों को आगे बढ़ाने की अपील
नेताओं ने कहा कि शिबू सोरेन का संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा। उन्होंने युवाओं से गुरुजी के आदर्शों और सामाजिक न्याय की सोच को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।




