नई दिल्ली/न्यूयॉर्क, 18 अगस्त 2026 : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का पाकिस्तान ने एक बार फिर विरोध किया है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने भारत की दावेदारी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भारत के पास सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता का दावा करने के लिए “कोई योग्यता नहीं” है।हालांकि पाकिस्तानी राजदूत ने यह टिप्पणी एक टीवी कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील के G4 समूह की स्थायी सदस्यता की मांग को भी निशाना बनाया और इसे अनुचित तथा अव्यावहारिक बताया।

भारत की दावेदारी पर पाकिस्तान ने क्या कहा ?

आसिम इफ्तिखार अहमद के मुताबिक, सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता की दावेदारी पर विचार करते समय देशों के वोटिंग रिकॉर्ड, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुपालन और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रति प्रतिबद्धता को देखा जाना चाहिए। उन्होंने भारत का नाम लेते हुए दावा किया कि कुछ देशों के पास स्थायी सदस्यता का दावा करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। उनके मुताबिक G4 देशों की ओर से नई स्थायी सीटों की मांग ने पिछले दो दशकों से UNSC सुधार की प्रक्रिया को प्रभावित किया है।

G4 में भारत के साथ कौन-कौन से देश ?

भारत के साथ जर्मनी, जापान और ब्राजील G4 समूह में शामिल हैं। ये देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के विस्तार और सुधार की मांग लंबे समय से करते रहे हैं। पाकिस्तान का तर्क है कि नए स्थायी सदस्यों को शामिल करने से सुरक्षा परिषद में निर्णय लेने की प्रक्रिया और जटिल हो सकती है।

पाकिस्तान को भारत की स्थायी सदस्यता से क्यों आपत्ति ?

पाकिस्तानी राजदूत ने सुरक्षा परिषद में मौजूदा पांच स्थायी सदस्यों के बीच मतभेदों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि गाजा और यूक्रेन जैसे अंतरराष्ट्रीय संकटों पर परिषद में गतिरोध देखने को मिलता है। उनका तर्क था कि यदि पांच के बजाय आठ, नौ या दस स्थायी सदस्य हो जाते हैं, तो अलग-अलग देशों के वीटो और राजनीतिक मतभेदों के कारण परिषद में गतिरोध और बढ़ सकता है। हालांकि, भारत की दावेदारी के समर्थकों का तर्क है कि मौजूदा वैश्विक व्यवस्था में दुनिया की बदलती राजनीतिक और आर्थिक वास्तविकताओं को UNSC की संरचना में प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए।

भारत क्यों है UNSC की स्थायी सीट का दावेदार ?

भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है। भारत अपनी दावेदारी के पक्ष में अपनी बड़ी आबादी, लोकतांत्रिक व्यवस्था, वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती भूमिका और अंतरराष्ट्रीय शांति अभियानों में योगदान जैसे आधार रखता है। भारत के अलावा G4 के अन्य तीन देश भी UNSC में सुधार और स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग करते हैं।

कौन-कौन देश भारत का समर्थन करते हैं ?

भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी को अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस का समर्थन मिल चुका है। वहीं चीन भारत की स्थायी सदस्यता का विरोध करने वाला प्रमुख देश है। सुरक्षा परिषद के मौजूदा पांच स्थायी सदस्यों—अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन—के पास वीटो पावर है। UNSC में स्थायी सदस्यता के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति और संयुक्त राष्ट्र चार्टर में आवश्यक बदलाव की प्रक्रिया अहम होगी।

पाकिस्तान के विरोध से फिर गरमाई UNSC सुधार की बहस

भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर पाकिस्तान की ताजा टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग लगातार चर्चा में है। पाकिस्तान का विरोध भारत की दावेदारी के खिलाफ उसकी पुरानी नीति का हिस्सा माना जाता है। अब सवाल यह है कि UNSC में सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर भारत की दावेदारी को कितने देशों का समर्थन मिलता है और स्थायी सदस्यों के बीच इस मुद्दे पर सहमति किस तरह बनती है।