नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026 : अमेरिका में रह रहे एक भारतीय NRI कपल ने विदेश जाने की तैयारी कर रहे भारतीय युवाओं को एक चौंकाने वाली सलाह दी है। सुहास और प्रियंका ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा है कि अगर आज के समय में उन्हें युवाओं को सलाह देनी हो तो वे कहेंगे- ‘अमेरिका मत आओ।’ कपल के मुताबिक, जब वे अमेरिका आए थे तब भारत में उनके लिए करियर और बेहतर जीवनशैली के विकल्प बहुत सीमित थे। लेकिन अब भारत में तेजी से बदलाव आया है और कई ऐसे अवसर देश में ही उपलब्ध हैं, जो पहले अमेरिका जैसे देशों में ही आसानी से मिल पाते थे।

‘जब हम अमेरिका आए थे, तब हालात अलग थे’

सुहास ने बताया कि उनके अमेरिका आने के समय भारत में अच्छी नौकरियों के अवसर सीमित थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में अमेरिका जाना अपेक्षाकृत आसान करियर विकल्प लगता था। यहां पढ़ाई करने, नौकरी हासिल करने और बेहतर जीवनशैली बनाने का रास्ता उन्हें आकर्षक लगा। मगर उनके अनुसार अब परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं। भारत में रोजगार, कारोबार और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हुए हैं। उनका कहना है कि आज भारतीय युवा देश में रहते हुए भी कई ऐसे काम कर सकते हैं, जिनके लिए पहले अमेरिका जाना जरूरी समझा जाता था।

‘दुनिया के निवेशकों की नजर भारत पर’

प्रियंका ने कहा कि भारत में अब वैश्विक निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। बड़ी संख्या में निवेशक भारतीय कंपनियों और कारोबार में पैसा लगा रहे हैं। ऐसे में युवाओं के लिए देश में ही नए अवसर पैदा हो रहे हैं। हालांकि, कपल ने यह भी माना कि अमेरिका और भारत में अभी भी जीवन के अनुभव और कामकाज की संस्कृति को लेकर अंतर मौजूद है।

अमेरिका में रहने की चुनौतियां भी बताईं

सुहास ने अमेरिका में लंबे समय तक रहने के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि विदेश में रहने का मतलब सिर्फ बेहतर कमाई या करियर नहीं है। यहां आने के बाद व्यक्ति को अपने परिवार और पुराने दोस्तों से दूर रहना पड़ता है और नए सिरे से सामाजिक दायरा बनाना होता है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों तक अमेरिका में रहने के बावजूद उन्हें अब भी ऐसा महसूस होता है कि पूरी तरह अपनापन हासिल करना आसान नहीं है। इसी वजह से उन्होंने कहा कि अगर उनके पास विकल्प हो तो वह भारत में रहना पसंद करेंगे।

चीनियों से क्यों की भारतीयों की तुलना ?

कपल ने अमेरिका में रहने वाले चीनी नागरिकों का उदाहरण भी दिया। उनका कहना था कि कई चीनी नागरिक अमेरिका में अनुभव और अवसर हासिल करने के बाद अपने देश लौट जाते हैं और वहां उस अनुभव का इस्तेमाल करते हैं। इसके विपरीत, भारतीयों के बारे में उन्होंने कहा कि कई लोग विदेश जाने के बाद वहीं बस जाते हैं। कपल ने भारतीय युवाओं से विदेश जाने से पहले यह सोचने की अपील की कि क्या वास्तव में उन्हें देश छोड़ने की जरूरत है या भारत में मौजूद नए अवसरों का लाभ उठाया जा सकता है। हालांकि, यह कपल की व्यक्तिगत राय और अमेरिका में उनके अनुभव पर आधारित सलाह है। विदेश जाकर पढ़ाई, नौकरी या कारोबार करने का फैसला हर व्यक्ति की परिस्थितियों, करियर लक्ष्य और प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है।