पटना, 22 अगस्त 2026 : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश रुँगटा ने कहा कि बिहार अब अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर भविष्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य को पूर्वी भारत के आर्थिक विकास का इंजन बनाने का लक्ष्य अब केवल घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि नई औद्योगिक नीति और नियमों में बदलाव के जरिए इसे जमीन पर उतारने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। सुरेश रुँगटा ने कहा कि बिहार में निवेशकों के लिए कारोबार की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जा रहा है। जमीन, बिजली और अन्य प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए उद्यमियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सिंगल विंडो सिस्टम और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की कोशिश की जा रही है।

30 दिन में NOC नहीं तो स्वत: स्वीकृति का प्रावधान

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि कोई संबंधित विभाग 30 दिनों के भीतर NOC या आवश्यक मंजूरी जारी नहीं करता है, तो उसे स्वत: स्वीकृत मानने का प्रावधान किया गया है। उनके मुताबिक, Ease of Doing Business के माध्यम से औद्योगिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग की ओर से बिहार में लघु और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति का प्रारूप जारी किया गया है। इसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में राज्य में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करना और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना है।

खाद्य प्रसंस्करण और स्टार्टअप पर जोर

सुरेश रुँगटा ने कहा कि बिहार की कृषि क्षमता को उद्योग और रोजगार से जोड़ने की दिशा में Food Processing और Startup Sector महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राज्य में पैदा होने वाली कृषि उपज को स्थानीय स्तर पर प्रोसेस कर मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने से युवाओं और नए उद्यमियों के लिए रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के माध्यम से युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे बिहार में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

'ज्ञान की भूमि अब आर्थिक क्रांति का मार्ग प्रशस्त करेगी'

भाजपा नेता ने कहा कि बिहार ने कभी अपने ज्ञान और शिक्षा के जरिए पूरे देश का मार्गदर्शन किया था। अब यही बिहार उद्योग और उद्यमिता के माध्यम से नई आर्थिक दिशा तय कर सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सक्षम बनाने के लिए उद्योग, निवेश और रोजगार को एक साथ बढ़ावा देने की जरूरत है।

विकसित भारत के संकल्प में बिहार की अहम भूमिका

सुरेश रुँगटा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में बिहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले वर्षों में राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि बिहार आने वाले समय में उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा और पूर्वी भारत की आर्थिक प्रगति का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।