बगहा/बेतिया/मोतिहारी/पटना, 27 अगस्त 2026 : नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ का असर अब बिहार में भी दिखाई देने लगा है। इस बीच नेपाल से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के 36 गेट खोल दिए गए हैं। गुरुवार सुबह तक बैराज से कई बार पानी डिस्चार्ज किया जा चुका है। रात 12 बजे बैराज से करीब 1.52 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। सुबह छह बजे यह 88 हजार क्यूसेक, सात बजे 92,900 क्यूसेक और 10 बजे करीब 1.04 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। इस हिसाब से करीब 79.3 लाख लीटर पानी हर सेकेंड बैराज से निकल रहा है। नेपाल में आई बाढ़ का मलबा भी पानी के साथ बिहार पहुंच रहा है। गंडक बैराज पर फ्रिज, भैंस और घरों का सामान बहकर आने की तस्वीरें सामने आई हैं।

आठ जिलों में हाई अलर्ट

केंद्रीय जल आयोग ने गंडक नदी में करीब तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठने और फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है। इसके बाद बिहार के औठ जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर शामिल हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

वैशाली में बाढ़ का पानी गांवों तक पहुंचा

गंडक और गंगा का जलस्तर बढ़ने से वैशाली के राघोपुर इलाके में स्थिति बिगड़ने लगी है। कई पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है। चकसिंगार, वीरपुर, जुरावनपुर बरारी, जुरावनपुर करारी, फतेहपुर, रामपुर, जफराबाद, जहांगीरपुर और शिवनगर समेत कई इलाकों में पानी पहुंचने की जानकारी है। करीब 400 घरों के आसपास बाढ़ का पानी फैल गया है। देसरी और गनियारी घाट के आसपास भी नदी का पानी गांवों की तरफ बढ़ रहा है।

गोपालगंज और मुंगेर में भी बढ़ी परेशानी

गोपालगंज में गंडक का पानी खेतों में फैल गया है। वहीं मुंगेर के निचले इलाकों में गंगा का जलस्तर बढ़ने से 100 से ज्यादा घर प्रभावित हुए हैं। आपदा विभाग के मुताबिक गुरुवार सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर से करीब 50 सेंटीमीटर ऊपर बताया गया है। खगड़िया में भी गंगा और बूढ़ी गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। कोसी और बागमती नदियों में भी पानी बढ़ा हुआ है। जिले की करीब 20 पंचायतों में बड़ी संख्या में घर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

NDRF-SDRF की टीमें तैनात

बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारी तेज कर दी है। संभावित प्रभावित इलाकों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन की व्यवस्था भी की गई है। नेपाल से आने वाले पानी को देखते हुए गंडक बैराज और उससे जुड़ी नहरों में भी पानी के दबाव को नियंत्रित करने की तैयारी की जा रही है।

CM सम्राट चौधरी ने किया गंडक बैराज का हवाई सर्वे

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को डिप्टी CM के साथ गंडक इलाके का हवाई सर्वे किया। इसके बाद उन्होंने गंडक बैराज पहुंचकर अधिकारियों से हालात की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं और उम्मीद है कि जल्द हालात सामान्य होंगे।

क्या गंडक बैराज को खतरा है ?

अधिकारियों के मुताबिक वाल्मीकिनगर गंडक बैराज को करीब 8.5 लाख क्यूसेक पानी के दबाव को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। ऐसे में 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी आने की स्थिति में बैराज को लेकर तत्काल बड़े खतरे की आशंका नहीं बताई जा रही है। हालांकि, नदी में तेज करंट सबसे बड़ी चिंता है। इसलिए लोगों को नदी में जाने और नाव चलाने से बचने की सलाह दी गई है।

नेपाल से कितना पानी बिहार आ सकता है ?

नेपाल से आने वाले पानी को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। अनुमान है कि गंडक नदी में 3 से 4 लाख क्यूसेक तक पानी पहुंच सकता है। नेपाल से आने वाली संबंधित नदी की चौड़ाई करीब 22 मीटर बताई गई है, जबकि गंडक नदी करीब 200 मीटर चौड़ी है। आगे बढ़ने पर पानी का दबाव अलग-अलग धाराओं में बंटने की संभावना है।

नेपाल बॉर्डर पर आवाजाही पर रोक

बाढ़ और सुरक्षा को देखते हुए बगहा में नेपाल बॉर्डर पर एहतियातन आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। बिहार के जो लोग नेपाल में फंसे हैं, उन्हें भारत लौटने की अनुमति दी जा रही है। वहीं बिहार में फंसे नेपाली नागरिकों को नेपाल जाने दिया जा रहा है। अन्य लोगों की सामान्य आवाजाही पर फिलहाल रोक जारी है। इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और नदी और बाढ़ प्रभावित इलाकों से हर हाल में दूरी बनाए रखें।