जहानाबाद, 28 अक्टूबर 2026 : बिहार के जहानाबाद जिले के काको गांव के युवा शरजील अहमद काकवी ने जापान में आयोजित ‘जापान यूथ समिट 2026’ में शानदार प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया है। ओसाका में 19 से 22 अक्टूबर तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय समिट में शरजील को बेस्ट लीडर अवार्ड और बेस्ट कंटेंट क्रिएटर अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने यूथ इनोवेटिव आइडिया प्रेजेंटेशन में प्रथम स्थान हासिल किया। पैनल चर्चा का संचालन करने के लिए भी उन्हें विशेष उल्लेख मिला।
‘हर बच्चा पढ़ाए बच्चा’ पहल से शिक्षा का संदेश
जापान यूथ समिट में शरजील अहमद काकवी ने ‘शिक्षा सबके लिए, हर बच्चा पढ़ाए बच्चा’ का विजन प्रस्तुत किया। उनकी इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाना है। इस विचार के तहत प्रत्येक शिक्षित बच्चे को किसी दूसरे बच्चे की पढ़ाई में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा से वंचित बच्चों को पढ़ाई का अवसर मिल सकेगा। शरजील की पहल शिक्षा को जन-आंदोलन बनाने और युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित है।
काको गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
शरजील अहमद काकवी कायनात इंटरनेशनल स्कूल, काको के पूर्व छात्र हैं। फिलहाल वह पटना जिले के पालीगंज स्थित हिमालय मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा, वह युवा भारत और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जैसी पहलों से भी जुड़े हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली इस सफलता से जहानाबाद जिले में खुशी का माहौल है। शरजील की उपलब्धि को ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की प्रतिभा और क्षमता के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
शरजील बोले- भारत का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात
अपनी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए शरजील ने कहा कि जापान यूथ समिट में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यदि हर शिक्षित बच्चा किसी एक बच्चे को पढ़ाने की जिम्मेदारी उठा ले, तो शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। वहीं, कायनात फाउंडेशन के निदेशक शकील अहमद काकवी ने शरजील की सफलता को जहानाबाद और बिहार के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को आगे बढ़ने और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देती हैं। शरजील अहमद काकवी की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की पहचान है, बल्कि शिक्षा के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की दिशा में युवाओं की भूमिका को भी रेखांकित करती है।




