गया, 25 अगस्त 2026 : बिहार दस्तावेज नवीस संघ, शाखा गया की आम सभा में दस्तावेज नवीसों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हई। इसके बाद सर्वसम्मति से कई निर्णय लिए गए। संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पेपरलेस व्यवस्था में प्रस्तावित डी-ड्राफ्ट सिस्टम, संगठन की एकता और अनुशासन सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। सभा में सदस्यों ने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले दस्तावेज नवीसों के रोजगार और उनकी व्यावहारिक परेशानियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। संघ ने इन मुद्दों को संबंधित विभाग और सक्षम अधिकारियों के सामने रखने का भी निर्णय लिया।
मुरारी सिन्हा की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का फैसला
बैठक में संघ के पूर्व महामंत्री मुरारी कुमार सिन्हा से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई। सभा में सदस्यों ने आरोप लगाया कि संघ की पूर्व अनुमति और सहमति के बिना एक बैठक में संघ के खिलाफ मत रखा गया और ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। विस्तृत चर्चा के बाद आम सभा ने सर्वसम्मति से मुरारी कुमार सिन्हा की संघ की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया। साथ ही संघ के नियमों के तहत आगे की आवश्यक कार्रवाई पर भी सहमति बनी।
पूर्व अध्यक्ष उदय सिंह से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
पूर्व अध्यक्ष उदय कुमार सिंह के मामले पर भी आम सभा में चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि उन्होंने 17 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद 14 दिनों के भीतर संघ की बैठक आयोजित नहीं होने को लेकर सदस्यों ने सवाल उठाए। आम सभा ने उदय कुमार सिंह से लिखित स्पष्टीकरण मांगने का निर्णय लिया है। उनका जवाब मिलने के बाद संघ के नियमों और आम सभा के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
26 अगस्त की बैठक का सामूहिक बहिष्कार
इस बैठक में 26 अगस्त 2026 को मुरारी कुमार सिन्हा द्वारा प्रस्तावित बैठक को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। आम सभा ने तय किया कि बिहार दस्तावेज नवीस संघ, शाखा गया के सदस्य इस बैठक का सामूहिक बहिष्कार करेंगे। संघ के सदस्यों ने कहा कि शाखा का कोई भी सदस्य इस बैठक में शामिल नहीं होगा और सभी सदस्य आम सभा के सर्वसम्मत निर्णय के अनुसार कार्य करेंगे।
31 अगस्त तक जारी रहेगा असहयोग आंदोलन
दस्तावेज नवीसों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे असहयोग आंदोलन को जारी रखने का भी निर्णय लिया गया। संघ के अनुसार यह आंदोलन 31 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा। पटना हाईकोर्ट में निर्धारित अगली सुनवाई की तिथि तक संघ के निर्णय के अनुसार आंदोलन जारी रखने की बात भी कही गई। संघ ने कहा कि दस्तावेज नवीसों के हितों, वैधानिक अधिकारों और संगठन की एकता की रक्षा के लिए आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाएगा।
संगठन की एकता पर जोर
आम सभा में लिए गए फैसलों के बाद संघ ने दस्तावेज नवीसों के हितों की रक्षा, संगठन में अनुशासन और संघ की एकता को मजबूत करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का संकल्प दोहराया।




