कैमूर | 23 जुलाई 2026
बिहार के कैमूर जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में 15.96 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रधान महालेखाकार (AG) की ऑडिट रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मई 2019 से दिसंबर 2023 के बीच वाहन चालकों से ई-चालान मशीन के जरिए वसूले गए नकद जुर्माने की पूरी राशि सरकारी खाते में जमा नहीं कराई गई।
26.91 करोड़ की वसूली, खाते में पहुंचे 10.96 करोड़
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित अवधि में कुल 26.91 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया, लेकिन सरकारी खाते में केवल 10.96 करोड़ रुपये ही जमा किए गए। रिपोर्ट में लगभग 15.96 करोड़ रुपये की राशि जमा नहीं होने का उल्लेख किया गया है। मामले में तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), मोटर वाहन निरीक्षक (MVI), प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ESI) और अन्य कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
रिकॉर्ड में मिलीं कई अनियमितताएं
ऑडिट टीम ने अपनी जांच में कैश बुक, जमा रजिस्टर और चालान रिकॉर्ड के रखरखाव में गंभीर अनियमितताओं का जिक्र किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय नियमों के अनुसार नकद जुर्माने की राशि अगले कार्य दिवस तक सरकारी खाते में जमा करना अनिवार्य था, लेकिन कई मामलों में इससे जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले।
जवाब-तलब की प्रक्रिया शुरू
रिपोर्ट में कार्यालय के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे पहले जनवरी 2026 में तत्कालीन DTO रविरंजन कुमार ने भी संबंधित कर्मियों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था।
वर्तमान DTO ने क्या कहा
नवपदस्थापित DTO ललित राही ने कहा कि उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है। मामले की पूरी जानकारी और रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई और आधिकारिक टिप्पणी की जाएगी।




