पटना, 29 जुलाई 2026

बिहार सरकार ने बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इस बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर बैठे जमीन रजिस्ट्री की सुविधा, 22 हजार आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की भर्ती, कृषि, सिंचाई, शिक्षा और पुलिस व्यवस्था से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी।

सबसे अहम निर्णयों में 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे जमीन की रजिस्ट्री (निबंधन) कराने की सुविधा शामिल है। राज्य सरकार का कहना है कि इस कदम से बुजुर्गों को रजिस्ट्री कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।

75 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को मिलेगी घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा

कैबिनेट ने बिहार निबंधन संशोधन नियमावली में बदलाव को मंजूरी देते हुए 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर पर ही जमीन और प्लॉट की रजिस्ट्री कराने की व्यवस्था को स्वीकृति दी है। यह सुविधा विशेष रूप से उन बुजुर्गों के लिए राहत लेकर आएगी, जिन्हें स्वास्थ्य या अन्य कारणों से कार्यालय जाना मुश्किल होता है।

22 हजार आंगनबाड़ी पदों पर होगी भर्ती

सरकार ने समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) के तहत 22 हजार आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के पदों पर नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। इससे महिला रोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आंगनबाड़ी सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।

कृषि और सिंचाई योजनाओं को हजारों करोड़ की मंजूरी

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 9,748 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। वहीं चतुर्थ कृषि रोडमैप के लिए 23,698 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। सरकार का उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाना और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

शिक्षा-तकनीकी संस्थानों को मिला बड़ा बजट

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कर्मचारियों के वेतन और पेंशन भुगतान के लिए 198 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई। इसके अलावा राज्य के 46 सरकारी पॉलिटेक्निक और विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए मशीन, उपकरण और कंप्यूटर खरीदने हेतु 60.49 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।

पुलिस, फॉरेंसिक व अन्य परियोजनाओं को भी मंजूरी

कैबिनेट ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला, फोटो ब्यूरो, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के पटना कार्यालय एवं आवासीय परिसर, लघु जल संसाधन विभाग की भर्ती नियमावली तथा कई प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। किशनगंज के लिए अटल नवीनीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT) के तहत 53 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति भी दी गई।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रशासनिक सेवाओं में सुधार, कृषि विकास, शिक्षा, रोजगार और वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।