पटना : 29 जुलाई 2026

बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में लापरवाही, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर 12 राजस्व अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई है। विभिन्न मामलों की समीक्षा और जांच के बाद कुछ अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र गठित किए गए हैं, जबकि कई अधिकारियों पर वेतन वृद्धि रोकने सहित अन्य दंड लगाए गए हैं। कुछ मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है और दोषी अधिकारियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

इन अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र गठित

विभागीय जांच के बाद निम्न अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र गठित किए गए हैं—

  • भू अर्जन कार्यालय, मुंगेर के राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो अरविंद कुमार
  • राघोपुर (वैशाली) के अंचल अधिकारी दीपक कुमार
  • बिस्फी (मधुबनी) की तत्कालीन अंचल अधिकारी वंदना कुमारी

इन अधिकारियों पर लगाया गया दंड

विभाग ने कई अधिकारियों पर वेतन वृद्धि रोकने सहित विभिन्न दंड भी लगाए हैं। इनमें शामिल हैं—

  • गोपालगंज सदर के अंचल अधिकारी रजत कुमार वर्णवाल
  • एकमा (सारण) के अंचल अधिकारी अमलेश कुमार
  • गोह (औरंगाबाद) के तत्कालीन अंचल अधिकारी विश्वजीत नीलांकर
  • औरंगाबाद के तत्कालीन अंचल अधिकारी अंशु कुमार सिंह
  • कल्याणपुर (समस्तीपुर) के तत्कालीन अंचल अधिकारी राजन कुमार

इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी

विभाग ने चार अन्य अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इनमें—

  • रामनगर (पश्चिम चंपारण) के तत्कालीन अंचल अधिकारी उदय शंकर मिश्रा
  • कुढ़नी (मुजफ्फरपुर) के तत्कालीन अंचल अधिकारी रणभू ठाकुर
  • हाजीपुर (वैशाली) की तत्कालीन अंचल अधिकारी अंजली कुमारी
  • सासाराम के तत्कालीन अंचल अधिकारी सुधीर कुमार ओंकारा

शामिल हैं।

दो महीने में 82 अधिकारियों पर कार्रवाई

राजस्व मंत्री ने बताया कि पिछले दो महीनों में विभाग ने कुल 82 अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन मामलों में भ्रष्टाचार, दाखिल-खारिज में अनियमितता, सरकारी कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और विभागीय निर्देशों की अवहेलना जैसी शिकायतें शामिल हैं।

'ईमानदार अधिकारियों को मिलेगा संरक्षण'

डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरा संरक्षण मिलेगा, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही करने वालों के लिए विभाग में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।