पटना, 22 अक्टूबर 2026 : बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए तबादले को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल नवंबर के दूसरे सप्ताह में दोबारा खोले जाने की योजना है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बुधवार को गोपालगंज में आयोजित प्रबुद्ध मतदाता संवाद कार्यक्रम के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य में 21,940 शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा चुका है। शिक्षा मंत्री के मुताबिक आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण स्थानांतरण की प्रक्रिया रोक दी गई थी। आचार संहिता समाप्त होने के बाद पोर्टल फिर से खोला जाएगा। इससे उन शिक्षकों को आवेदन करने का अवसर मिल सकेगा, जो अपनी जरूरत के अनुसार दूसरे विद्यालय या स्थान पर स्थानांतरण चाहते हैं।

नवंबर के दूसरे सप्ताह में फिर खुल सकता है शिक्षक ट्रांसफर पोर्टल

बिहार में सामान्य शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की तैयारी चल रही है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में ऑनलाइन पोर्टल खोलने की योजना है। इसके माध्यम से पात्र शिक्षक स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, पोर्टल खुलने की निश्चित तारीख और आवेदन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देशों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा। शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि आवेदन से पहले विभाग की ओर से जारी होने वाली अधिसूचना जरूर देखें।

81,790 शिक्षकों ने किया था आवेदन

शिक्षा मंत्री ने बताया कि बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत पहले चरण में कुल 81,790 आवेदन प्राप्त हुए थे। इन आवेदनों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया था।

  • सरप्लस शिक्षक : 61,123 आवेदन
  • म्यूचुअल ट्रांसफर : 9,244 आवेदन
  • अंतरजिला स्थानांतरण : 11,423 आवेदन

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के अनुसार, इन आवेदनों में से अब तक 21,940 शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा चुका है। सामान्य स्थानांतरण पोर्टल दोबारा खुलने से अन्य इच्छुक शिक्षकों को भी आवेदन का मौका मिल सकता है।

आचार संहिता के कारण रोकनी पड़ी थी प्रक्रिया

बिहार में निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया रोक दी गई थी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप यह कदम उठाया गया था। अब नवंबर के दूसरे सप्ताह में पोर्टल फिर खोलने की योजना के साथ स्थानांतरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है। हालांकि, आवेदन की समय-सीमा, पात्रता और जरूरी दस्तावेजों के बारे में अंतिम जानकारी विभागीय निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के 25 हजार कर्मियों को राहत

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 25 हजार कर्मियों के भुगतान के लिए 195 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। मंत्री के अनुसार, बकाया राशि का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी DBT के माध्यम से किया जा रहा है। इस कदम से संबंधित संस्थानों के कर्मचारियों को बकाया राशि मिलने में मदद मिलेगी।

दूसरे राज्यों की शिक्षक सुविधाओं का भी अध्ययन

शिक्षा मंत्री ने बताया कि बिहार सरकार दूसरे राज्यों में शिक्षकों को मिलने वाली सुविधाओं और वहां लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रही है। इसका उद्देश्य राज्य की जरूरतों के अनुसार शिक्षकों के हित में बेहतर फैसले लेना है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं और उनकी व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठा रही है।

बिहार MLC चुनाव पर भी बोले शिक्षा मंत्री

इस दौरान मिथिलेश तिवारी ने 23 अक्टूबर को होने वाले बिहार विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने एनडीए के सभी आठ प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील की। बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए सामान्य तबादले का पोर्टल नवंबर के दूसरे सप्ताह में दोबारा खोले जाने की योजना है। पहले चरण में 81,790 आवेदन प्राप्त हुए थे और 21,940 शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा चुका है। अब शिक्षकों की नजर पोर्टल खुलने की आधिकारिक तारीख और आवेदन संबंधी दिशा-निर्देशों पर है।