नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026 : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने गुरुवार यानी 22 अक्टूबर को पहली बार अपना इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया। अपनी पहली पोस्ट में उन्होंने आने वाली किताब Belonging: A Journey of Love का वीडियो साझा किया है। यह किताब 10 नवंबर को प्रकाशित होने वाली है। सोशल मीडिया पर उनकी इस नई शुरुआत को लेकर लोगों की दिलचस्पी देखने को मिली। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने अपनी पहली पोस्ट में लिखा कि वह अपनी किताब को पाठकों के साथ साझा करके खुश हैं। उनके मुताबिक यह किताब प्यार, कर्तव्य, अपनों को खोने और अपनेपन की जगह तलाशने की कहानी है। उन्होंने कहा कि वह अपनी कहानी लोगों के साथ साझा करने के लिए उत्सुक हैं।

पहली पोस्ट पर मिले हजारों लाइक और फॉलोअर्स

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की पहली इंस्टाग्राम पोस्ट कुछ ही घंटों में चर्चा में आ गई। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्ट के शुरुआती तीन घंटों में करीब 59 हजार लाइक मिले और उनके अकाउंट पर लगभग 13 हजार फॉलोअर्स हो गए। सोनिया गांधी अपने अकाउंट से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडियन नेशनल कांग्रेस के आधिकारिक अकाउंट को फॉलो कर रही हैं।

किताब में राजीव गांधी से मुलाकात से लेकर राजनीतिक सफर तक का जिक्र

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की आने वाली किताब Belonging: A Journey of Love में उनके निजी जीवन, परिवार और राजनीति से जुड़े अनुभवों को जगह दी गई है। इसमें इटली में बिताए बचपन से लेकर कैंब्रिज में राजीव गांधी से मुलाकात, नेहरू-गांधी परिवार में विवाह और जीवन के मुश्किल दौर का वर्णन है। किताब में 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने के उनके फैसले से जुड़े अनुभवों का भी जिक्र है। सोनिया गांधी ने अपने परिवार के बारे में लिखी गई बातों का उल्लेख करते हुए कहा है कि उनके परिवार के इरादों, काम और मानवीय पहलुओं को समझने की जरूरत है। उनके अनुसार, यह किताब केवल उनकी निजी जिंदगी की कहानी नहीं है, बल्कि भारत में लगभग छह दशकों के दौरान हुए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को देखने का एक अलग नजरिया भी पेश करती है।

इटली में जन्म, कैंब्रिज में राजीव गांधी से हुई मुलाकात

सोनिया गांधी का जन्म 9 दिसंबर 1946 को इटली में हुआ था। उनका मूल नाम एंटोनिया एडविज अल्बीना मैनो है। इस बीच वर्ष 1965 में कैंब्रिज में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी। दोनों ने 1968 में शादी की। इसके बाद सोनिया गांधी भारत आ गईं। उनके बेटे राहुल गांधी का जन्म 1970 में और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा का जन्म 1972 में हुआ। शादी के शुरुआती वर्षों में सोनिया गांधी और राजीव गांधी सक्रिय राजनीति से दूर रहे। जहां राजीव गांधी विमान चालक के रूप में काम करते थे, जबकि सोनिया परिवार की जिम्मेदारियां संभालती थीं। मगर वर्ष 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी को देश व पार्टी की कमान दी गई और वे प्रधानमंत्री बने।

राजीव गांधी की हत्या के बाद बदली जिंदगी

वर्ष 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद सोनिया गांधी लंबे समय तक राजनीति से दूर रहीं। बाद में कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए उन्होंने 1997 में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली और 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं। सोनिया गांधी ने 1999 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा। वह लंबे समय तक कांग्रेस की प्रमुख नेता बनी रहीं और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार करने से किया था इनकार

वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) को सरकार बनाने का अवसर मिला। उस समय सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की मांग उठी थी, लेकिन उन्होंने यह पद स्वीकार नहीं किया। इसके बाद डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने UPA की अध्यक्ष के रूप में गठबंधन की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नई किताब से निजी जीवन के अनछुए पहलुओं पर नजर

सोनिया गांधी की नई किताब उनके व्यक्तिगत अनुभवों, पारिवारिक रिश्तों और सार्वजनिक जीवन के सफर को सामने लाने का प्रयास है। उनकी पहली इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए किताब की झलक सामने आई है। अब पाठकों की नजर 10 नवंबर को किताब के प्रकाशन पर है, जिससे सोनिया गांधी के जीवन और उनके राजनीतिक सफर से जुड़े अनुभवों को विस्तार से जानने का अवसर मिलेगा।