पटना, 2 नवंबर 2026 : बिहार में गंभीर और असाध्य बीमारियों से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष (CMMAF) के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता की अधिकतम सीमा बढ़ा दी है। अब पात्र मरीजों को इलाज के लिए 2.5 लाख रुपये की जगह अधिकतम 4 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकेगी। सरकार के इस फैसले से कैंसर, किडनी, हृदय, लीवर और न्यूरो जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। महंगे इलाज का खर्च उठाने में परेशानी झेल रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अब पहले की तुलना में अधिक सरकारी मदद मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की राशि बढ़कर हुई 4 लाख

बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत मिलने वाली अधिकतम आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी की है। पहले इस योजना के तहत पात्र मरीजों को अधिकतम 2.5 लाख रुपये की सहायता दी जाती थी। अब यह सीमा बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी गई है। नई व्यवस्था का उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज में होने वाले भारी खर्च को कम करना और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। योजना के तहत सहायता राशि बीमारी की प्रकृति, इलाज की जरूरत और अनुमानित खर्च के आधार पर स्वीकृत की जाएगी। इसके लिए मरीजों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा।

कैंसर, किडनी और हार्ट के मरीजों को मिलेगी राहत

मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • कैंसर
  • किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां
  • हृदय रोग
  • लीवर संबंधी बीमारियां
  • न्यूरो से जुड़ी गंभीर बीमारियां
  • अन्य असाध्य और गंभीर बीमारियां

इन बीमारियों के इलाज में ऑपरेशन, कीमोथेरेपी, डायलिसिस, दवाओं और अन्य चिकित्सा प्रक्रियाओं पर काफी खर्च आता है। सहायता राशि की सीमा बढ़ने से पात्र मरीजों के परिजनों को आर्थिक राहत मिल सकती है।

महंगे इलाज के लिए गरीब परिवारों को मिलेगा आर्थिक सहारा

गंभीर बीमारी का पता चलने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इलाज का खर्च जुटाना होता है। कई बार महंगे इलाज के लिए परिवारों को कर्ज लेना पड़ता है या अपनी जमा पूंजी खर्च करनी पड़ती है। ऐसे परिवारों के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है। अब अधिकतम 4 लाख रुपये की सहायता मिलने से मरीजों को इलाज के खर्च का कुछ अतिरिक्त बोझ उठाने से राहत मिल सकेगी।

पटना के जयप्रभा मेदांता अस्पताल में भी मिलेगा लाभ

सरकार और जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कंकड़बाग, पटना के बीच हुए समझौते के तहत बिहार के मरीजों को विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इस व्यवस्था के तहत अस्पताल के 25 प्रतिशत आरक्षित बेड पर रेफरल के माध्यम से पात्र मरीजों को भर्ती कर इलाज की सुविधा दी जाती है। नई व्यवस्था के अनुसार, यहां इलाज कराने वाले पात्र मरीजों के लिए भी आय सीमा बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी गई है। जिन मरीजों के इलाज का खर्च राज्य सरकार की ओर से प्रतिपूर्ति के माध्यम से दिया जाता है, उन्हें भी निर्धारित शर्तों के अनुसार इसका लाभ मिल सकेगा।

अधिक मरीजों को योजना के दायरे में लाने की तैयारी

सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि आय सीमा बढ़ने से अब बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीज इस योजना के दायरे में आ सकेंगे। उन्होंने कहा कि पहले आय सीमा के कारण कई मरीज योजना का लाभ नहीं ले पाते थे। नई व्यवस्था से जिले के अधिक से अधिक पात्र मरीजों को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का फायदा मिल सकेगा।

कैसे मिलेगी मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से मदद ?

योजना का लाभ लेने के लिए मरीजों को निर्धारित आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके तहत बीमारी से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट, इलाज का अनुमानित खर्च और आवश्यक पात्रता दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद बीमारी की गंभीरता और इलाज की लागत के आधार पर सहायता राशि स्वीकृत की जाएगी। हालांकि, अधिकतम 4 लाख रुपये की सहायता का मतलब यह नहीं है कि हर मरीज को पूरी राशि मिलेगी। वास्तविक सहायता स्वीकृति और योजना की निर्धारित शर्तों पर निर्भर करेगी। सरकार के इस फैसले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता खुलेगा। खासकर कैंसर, किडनी और हृदय रोग जैसी महंगी बीमारियों के इलाज में यह मदद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।