वॉशिंगटन डीसी, 5 नवंबर 2026 : अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में छह भारतवंशी नेताओं ने जीत दर्ज की है। खास बात यह है कि ये सभी डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार हैं। जीतने वालों में अमी बेरा, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, सुहास सुब्रमण्यम, पिया दांडिया और अमीश शाह शामिल हैं। इनमें अमी बेरा ने आठवीं बार, जबकि रो खन्ना और प्रमिला जयपाल ने लगातार छठी बार जीत हासिल की है। वहीं पिया दांडिया पहली बार अमेरिकी संसद पहुंची हैं। अमीश शाह ने एरिजोना से जीत दर्ज कर राज्य से अमेरिकी संसद पहुंचने वाले पहले भारतीय मूल के नेता बनने का गौरव हासिल किया है। दूसरी ओर, रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को ओहायो के गवर्नर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। उनके समर्थन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रचार किया था, लेकिन इसके बावजूद वह चुनाव नहीं जीत सके।
अमेरिकी संसद पहुंचे ये 6 भारतवंशी नेता
1. अमी बेरा: आठवीं बार जीते चुनाव
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद अमी बेरा ने कैलिफोर्निया के तीसरे संसदीय क्षेत्र से लगातार आठवीं बार जीत दर्ज की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब टकर को हराया। पेशे से डॉक्टर बेरा पहली बार 2012 में अमेरिकी संसद के लिए चुने गए थे। उनका परिवार अमेरिका में होटल कारोबार से जुड़ा रहा है। बचपन में वह छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान माता-पिता के होटल में काम करते थे। बाद में उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई की और डॉक्टर बने। अमी बेरा भारतीय मूल के उन नेताओं में शामिल हैं, जिनका अमेरिकी संसद में सबसे लंबा राजनीतिक अनुभव है।
2. रो खन्ना: लगातार छठी बार मिली जीत
रो खन्ना ने कैलिफोर्निया के 17वें संसदीय क्षेत्र से लगातार छठी बार जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रितेश टंडन को हराया। रो खन्ना 2017 से अमेरिकी संसद के सदस्य हैं। राजनीति में उनकी दिलचस्पी कॉलेज के दिनों से ही शुरू हो गई थी। पढ़ाई के दौरान उन्होंने बराक ओबामा के चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया था। उनके नाना अमरनाथ विद्यालंकार भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन किया था और इसके लिए जेल भी गए थे। रो खन्ना अमेरिकी संसद में तकनीक, चीन की नीतियों, व्यापार और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं।
3. प्रमिला जयपाल: छठी बार जीतने वाली पहली भारतीय मूल की महिला सांसद
प्रमिला जयपाल ने वॉशिंगटन के सातवें संसदीय क्षेत्र से लगातार छठी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार नीरव शेठ को बड़े अंतर से हराया। चेन्नई में जन्मीं प्रमिला जयपाल 2017 से अमेरिकी संसद की सदस्य हैं। वह अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पहुंचने वाली पहली भारतीय मूल की महिला हैं। संसद में वह प्रवासियों के अधिकार, स्वास्थ्य सुविधाओं, महिलाओं के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही हैं।
4. सुहास सुब्रमण्यम: दूसरी बार पहुंचे संसद
सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें संसदीय क्षेत्र से दूसरी बार जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को हराया। सुहास का जन्म टेक्सास के ह्यूस्टन में भारतीय माता-पिता के घर हुआ था। वह पेशे से वकील हैं। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में उन्होंने व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी पॉलिसी एडवाइजर के तौर पर काम किया था। जीत के बाद उन्होंने भारतीय-अमेरिकी समुदाय के युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अपनी आवाज उठानी चाहिए। अगर वह चुनाव लड़कर जीत सकते हैं, तो दूसरे लोग भी ऐसा कर सकते हैं।
5. पिया दांडिया: पहली बार अमेरिकी संसद पहुंचीं
पिया दांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें संसदीय क्षेत्र से जीत दर्ज कर पहली बार अमेरिकी संसद में जगह बनाई है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराया। 39 वर्षीय पिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बसे थे। राजनीति में आने से पहले पिया शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी थीं। वह टीचर रह चुकी हैं और न्यूयॉर्क के हार्लेम में एक हाईस्कूल की प्रिंसिपल के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। उनकी जीत भारतीय मूल के अमेरिकी समुदाय के लिए एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।
6. अमीश शाह: एरिजोना से जीतने वाले पहले भारतवंशी
अमीश शाह ने एरिजोना के पहले संसदीय क्षेत्र से जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है। वह इस राज्य से अमेरिकी संसद पहुंचने वाले पहले भारतीय मूल के अमेरिकी नेता बन गए हैं। पेशे से इमरजेंसी मेडिसिन डॉक्टर अमीश शाह ने रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व NFL खिलाड़ी जे फेली को हराया। फेली को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थन हासिल था। अमीश शाह को 52.49% वोट मिले, जबकि जे फेली को 45.45% वोट हासिल हुए। उनकी जीत से डेमोक्रेटिक पार्टी ने रिपब्लिकन के कब्जे वाली इस सीट पर भी सफलता हासिल की। अमीश शाह का जन्म शिकागो में हुआ था। उनके माता-पिता गुजराती मूल के हैं और 1960 के दशक में अमेरिका जाकर बस गए थे। इस जीत के साथ वह अमेरिकी संसद में पहुंचने वाले छठे भारतीय मूल के नेता बन गए।
ट्रम्प और जेडी वेंस के प्रचार के बाद भी हारे विवेक रामास्वामी
अमेरिका के ओहायो राज्य में गवर्नर पद के चुनाव में भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने हराया।रामास्वामी के समर्थन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार किया था। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी उनके लिए वोट मांगने पहुंचे थे। इसके बावजूद वह चुनाव जीतने में कामयाब नहीं हुए। चुनाव परिणामों के मुताबिक एमी एक्टन को 52% वोट मिले, जबकि रामास्वामी को 45% वोट हासिल हुए। इस जीत के साथ एमी एक्टन ओहायो की पहली निर्वाचित महिला गवर्नर बन गई हैं। राज्य में 20 साल बाद किसी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने गवर्नर पद का चुनाव जीता है। विवेक रामास्वामी 2024 में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में भी शामिल हुए थे। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी दावेदारी वापस ले ली थी और डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थन किया था।
राज्य स्तर के चुनावों में भी भारतवंशियों की सफलता
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं ने केवल संसद ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर के चुनावों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
अरुणा मिलर : भारतीय मूल की अरुणा मिलर ने मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में दोबारा जीत दर्ज की है। वह डेमोक्रेटिक गवर्नर वेस मूर के साथ चुनाव मैदान में थीं। उनका जन्म हैदराबाद में हुआ था।
पूजा सेठी : टेक्सास की स्टेट असेंबली के चुनाव में पूजा सेठी ने जीत दर्ज की।
अरविंद वेंकट : पेंसिल्वेनिया से अरविंद वेंकट ने भी चुनाव में सफलता हासिल की।
ज्योत सिंह : जॉर्जिया से ज्योत सिंह ने जीत दर्ज की। उन्हें राज्य की जनरल असेंबली में पहुंचने वाले पहले भारतीय मूल के अमेरिकी और पहले सिख अमेरिकी के रूप में बताया गया है।
राम विल्लीवलम और नबीला सैयद : इलिनॉय में दोनों भारतीय मूल के नेताओं ने राज्य सीनेट में दोबारा जीत हासिल की।
नित्या रमन भी मेयर चुनाव की दौड़ में
लॉस एंजिलिस के मेयर चुनाव में भारतीय मूल की नित्या रमन भी चर्चा में हैं। शुरुआती नतीजों में वह मौजूदा मेयर करेन बैस को चुनौती देती नजर आईं। नित्या पेशे से शहरी योजनाकार हैं और लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल की सदस्य हैं। हालांकि, मतगणना पूरी होने और आधिकारिक नतीजे आने तक उनकी स्थिति को अंतिम नहीं माना जा सकता।
कई भारतवंशी उम्मीदवारों को मिली हार
जहां कई भारतीय मूल के नेताओं ने चुनाव में जीत हासिल की, वहीं कुछ उम्मीदवारों को हार का सामना भी करना पड़ा। न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिता कोमातिरेड्डी अटॉर्नी जनरल का चुनाव हार गईं। इसके अलावा नॉर्थ कैरोलाइना में महेश गनोरकर, ओहायो में निर्दलीय संदीप दीक्षित और मिशिगन में निर्दलीय अनिल कुमार को भी हार मिली। कुल मिलाकर 2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं की भागीदारी और सफलता ने अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती मौजूदगी को फिर चर्चा में ला दिया है।






