पटना, 27 अगस्त 2026 : बिहार में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए राज्य सरकार ने नगर निकायों के पुनर्गठन की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने सभी जिलों से नए नगर निकायों के गठन, मौजूदा निकायों की सीमा बढ़ाने, दर्जा बदलने और दो या अधिक निकायों के विलय से जुड़े प्रस्ताव मांगे हैं। खास तौर पर उन ग्रामीण इलाकों पर नजर रखी जाएगी, जहां पिछले कुछ वर्षों में आबादी के साथ शहरी गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। जिलों से मिलने वाले प्रस्तावों की पहले जिला स्तर पर समीक्षा होगी और इसके बाद उन्हें नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाएगा।
डीएम बुलाएंगे जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक
नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। डीएम अपने जिले के प्रभारी मंत्री से जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक बुलाने का अनुरोध करेंगे। इस बैठक में जिले से जुड़े नगर निकायों के सभी प्रस्तावों पर चर्चा और समीक्षा की जाएगी। इस बैठक में यह देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों को नगर निकाय की सीमा में शामिल किया जा सकता है और कहां नए निकाय के गठन की जरूरत है।
दो या अधिक नगर निकायों का हो सकता है विलय
सरकार नगर निकायों के पुनर्गठन के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है। इनमें दो या अधिक नगर निकायों को मिलाकर नया निकाय बनाना भी शामिल है। इसके अलावा मौजूदा नगर निकायों से सटे ग्रामीण क्षेत्रों को उनकी सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा सकता है। इससे कई नगर निकायों का क्षेत्रफल बढ़ सकता है और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को शहरी प्रशासन के दायरे में लाया जा सकता है।
छोटे निकायों का बढ़ सकता है दर्जा
पुनर्गठन की प्रक्रिया में छोटे नगर निकायों के दर्जे में बदलाव की संभावना भी है। जरूरत के मुताबिक छोटे निकायों को बड़े निकाय में शामिल करने या उनका दर्जा बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा ऐसे ग्रामीण इलाकों को भी नगर निकाय का दर्जा मिल सकता है, जहां शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है।
तेजी से शहर बन रहे गांवों पर खास नजर
सरकार की इस पूरी कवायद में ऐसे ग्रामीण इलाकों पर विशेष फोकस रहेगा, जहां आबादी बढ़ने के साथ बाजार, सड़क, आवासीय कॉलोनी और अन्य शहरी गतिविधियां तेजी से विकसित हुई हैं। ऐसे क्षेत्रों को नजदीकी नगर निकाय में शामिल करने या उनकी जरूरत के मुताबिक अलग नगर निकाय गठित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है। इससे भविष्य में शहरों की प्रशासनिक सीमाओं का विस्तार होने के साथ-साथ नए शहरी निकाय भी अस्तित्व में आ सकते हैं।
15 सितंबर तक भेजना होगा प्रस्ताव
जिला स्तर पर समीक्षा के बाद जिलाधिकारी निर्धारित प्रपत्र में प्रस्ताव तैयार कर नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजेंगे। सरकार ने सभी जिलों के लिए प्रस्ताव भेजने की अंतिम समय-सीमा 15 सितंबर 2026 तय की है। इसके बाद विभाग को प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा की जाएगी और पात्र क्षेत्रों के संबंध में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रस्तावों के आधार पर होगा नगर निकायों का पुनर्गठन
जिलों से मिलने वाले प्रस्तावों के आधार पर सरकार यह तय करेगी कि कहां नए नगर निकाय की जरूरत है, किन निकायों की सीमा बढ़ाई जानी है और कहां विलय या दर्जा परिवर्तन किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों को बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, शहरी सुविधाओं और भविष्य की जरूरतों से जोड़ना है। अगर प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो आने वाले समय में बिहार के शहरी नक्शे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।




