पटना, 25 अगस्त 2026 : बिहार में फिल्म निर्माण और मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में फिल्म सिटी बनाने की घोषणा की है। उन्होंने भोजपुरी फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों और निर्माताओं से फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने में सहयोग करने की अपील की। सीएम सम्राट चौधरी सोमवार को पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित ज्ञान भवन में आयोजित ‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस बीच उन्होंने बिहार में फिल्म निर्माण को लेकर सरकार की योजनाओं और राज्य की कला-संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
54 फिल्मों की शूटिंग को सरकार की मंजूरी
सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में 54 फिल्मों की शूटिंग के लिए सरकार ने सहमति दी है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण से जुड़े कलाकारों और निर्माताओं को सरकार हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी अक्टूबर से बिहार में अपनी फिल्म की शूटिंग शुरू करने की इच्छा जताई है। इससे राज्य में फिल्म शूटिंग और स्थानीय कलाकारों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
भोजपुरी के साथ इन भाषाओं की फिल्मों को भी बढ़ावा
सरकार सिर्फ भोजपुरी फिल्मों तक सीमित नहीं रहना चाहती। मुख्यमंत्री ने अंगिका, मगही, बज्जिका और मैथिली भाषाओं में फिल्म निर्माण को भी बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार की अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों की संस्कृति को फिल्मों के माध्यम से देश और दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है। इसके लिए सरकार फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को आवश्यक सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
बिहार में कहां बनेगी Film City ?
मुख्यमंत्री ने भोजपुरी फिल्म जगत के कलाकारों से फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने में सहयोग करने को कहा है। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान फिल्म सिटी के लिए किसी निश्चित स्थान की घोषणा नहीं की गई। सीएम ने कहा कि बिहार के युवाओं में अभिनेता, निर्देशक, लेखक, संगीतकार और फिल्म निर्माण से जुड़े अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रतिभा है। फिल्म सिटी बनने से इन युवाओं को अपने राज्य में ही बेहतर अवसर और सुविधाएं मिल सकेंगी।
फिल्मों के जरिए बिहार की बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की सभ्यता, संस्कृति और हजारों साल पुरानी विरासत को सकारात्मक तरीके से दुनिया के सामने रखने की जरूरत है। उन्होंने नालंदा, विक्रमशिला और पाटलिपुत्र जैसे ऐतिहासिक केंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार का इतिहास और संस्कृति फिल्मों के जरिए बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच सकती है। उन्होंने कलाकारों से अपील की कि वे बिहार की सकारात्मक छवि को सामने लाएं और राज्य के Brand Ambassador बनकर बिहार की संस्कृति और उपलब्धियों को दुनिया तक पहुंचाएं।
पर्यटन और ईको टूरिज्म को भी मिलेगा फायदा
सरकार फिल्म निर्माण के साथ-साथ Tourism और Eco Tourism को भी बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। फिल्म शूटिंग के लिए बिहार के ऐतिहासिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों का इस्तेमाल होने से राज्य के पर्यटन को भी फायदा मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्मों के जरिए बिहार की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के दर्शकों तक पहुंचाया जा सकता है।
‘भोजपुरी बवाल’ में दिखे भोजपुरी सिनेमा के बड़े चेहरे
‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले में भोजपुरी मनोरंजन जगत के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे। कार्यक्रम में अभिनेता एवं विधान पार्षद पवन सिंह, पूर्व सांसद एवं अभिनेता दिनेश लाल यादव, अभिनेत्री आम्रपाली, काजल राघवानी, पाखी हेगड़े समेत कई कलाकार और फिल्म जगत से जुड़े लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने ‘भोजपुरी बवाल’ के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बिहार की कला और संस्कृति को बड़े मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
छठ और बिहार की संस्कृति का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने बिहार की सांस्कृतिक पहचान के तौर पर छठ पर्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार की संस्कृति की अपनी अलग विशेषता है और यहां उगते सूर्य के साथ-साथ डूबते सूर्य की भी पूजा की जाती है। उन्होंने कलाकारों से बिहार की इसी विशिष्ट संस्कृति को अपनी फिल्मों और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाने की अपील की।
बिहार में Film Industry को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म ?
बिहार में फिल्म सिटी बनाने का ऐलान और 54 फिल्मों की शूटिंग को मंजूरी राज्य के फिल्म उद्योग के लिए अहम कदम माना जा रहा है। अगर फिल्म सिटी की योजना जमीन पर उतरती है, तो इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, लेखकों, निर्देशकों और फिल्म निर्माण से जुड़े युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसर पैदा हो सकते हैं। सरकार का जोर बिहार की पहचान को सिर्फ राजनीति और प्रशासन तक सीमित रखने के बजाय Cinema, Culture और Tourism के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने पर है।




