पटना, 27 अगस्त 2026 : रक्षाबंधन से पहले बिहार की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा तोहफा दिया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की दूसरी किस्त जारी की गई। इसके तहत एक लाख जीविका दीदियों के बैंक खातों में 20-20 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके साथ ही योजना के तहत नए रजिस्ट्रेशन कराने वाली चार लाख महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये की पहली किस्तीभ भेजी गई। इस तरह सरकार ने कुल 400 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की।
‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान की शुरुआत
पटना के बापू सभागार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान’ की शुरुआत भी की। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता, पशुपालन, डेयरी, शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देना है। अभियान का दायरा केवल जीविका दीदियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें महिला उद्यमियों, पशुपालक महिलाओं, डेयरी कारोबार से जुड़ी महिलाओं और उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा।
3 साल में 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
सरकार ने अगले तीन वर्षों में 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत :
- 60 लाख महिलाएं पशुपालन और डेयरी से जुड़ेंगी।
- 25 लाख महिलाएं विनिर्माण क्षेत्र में जोड़ी जाएंगी।
- 15 लाख महिलाएं सेवा क्षेत्र से जुड़ेंगी।
बिहार सरकार का फोकस महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आर्थिक फैसलों में अधिक सक्षम बनाने पर है।
‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज’ में ₹2 लाख तक मदद
महिलाओं और बेटियों में Startup और Entrepreneurship को बढ़ावा देने के लिए ‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना’ शुरू की गई है। नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया वाली बेटियों को ₹50 हजार से ₹2 लाख तक की वित्तीय सहायता देने की योजना है।
प्रतियोगी परीक्षा पास करने वाली बेटियों को ₹1 लाख तक प्रोत्साहन
प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली छात्राओं को आगे की तैयारी के लिए ₹30 हजार से ₹1 लाख तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसका उद्देश्य आर्थिक परेशानी के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आने वाली बाधाओं को कम करना है।
PhD छात्राओं को हर महीने ₹10 हजार
उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री बालिका PhD फेलोशिप योजना के तहत करीब 1,000 छात्राओं को सहायता देने की योजना है। चयनित छात्राओं को चार वर्षों तक हर महीने ₹10 हजार की आर्थिक सहायता मिलेगी।
‘सुधा सखी’ बनकर महिलाएं संभालेंगी डेयरी कारोबार
डेयरी सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए पंचायत स्तर पर जीविका-सुधा बिक्री केंद्र विकसित किए जाएंगे। महिलाओं को ‘सुधा सखी’ के तौर पर प्रशिक्षित कर डेयरी उत्पादों की बिक्री और कारोबार से जोड़ा जाएगा। सरकार ने डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को 80 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।




