बेतिया/बगहा, 17 अक्टूबर 2026 : बिहार के एकमात्र वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में नए पर्यटन सत्र 2026-27 की शुरुआत हो गई है। गंडक नदी में आई बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए वन मार्गों की मरम्मत के बाद जंगल सफारी दोबारा शुरू कर दी गई है। अब पर्यटक जंगल की हरियाली और वन्यजीवों को करीब से देखने के लिए सफारी का आनंद ले सकते हैं। वीटीआर प्रशासन के मुताबिक, पर्यटकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है। जंगल सफारी के साथ ठहरने के लिए कॉटेज, सरकारी गेस्ट हाउस और निजी होटल व रिसॉर्ट की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस तरह लोगों को यह टाइगर रिजर्व खूब पसंद आ रहा है।

बाढ़ से क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत के बाद सफारी शुरू

गंडक नदी में बाढ़ आने के कारण वीटीआर के कुछ वन मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस वजह से पर्यटन गतिविधियों को रोकना पड़ा था। मार्गों की मरम्मत के बाद शनिवार यानी 17 अक्टूबर से नए पर्यटन सत्र की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, वाल्मीकिनगर पर्यटन केंद्र से अधिकारियों ने सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जंगल के लिए रवाना किया। इससे पर्यटकों को एक बार फिर प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने का अवसर मिलेगा।

ऑनलाइन बुकिंग से मिलेगा सफारी और कॉटेज का पास

पर्यटकों की सुविधा के लिए वीटीआर प्रशासन ने ऑनलाइन बुकिंग सेवा शुरू की है। इसके जरिए सफारी परमिट और उपलब्ध आवास की जानकारी लेकर बुकिंग की जा सकती है।

पर्यटकों के लिए प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं :

  • जंगल सफारी : निर्धारित मार्गों पर सफारी वाहनों से जंगल भ्रमण।
  • कॉटेज और हट : उपलब्धता के अनुसार ठहरने के लिए अग्रिम बुकिंग।
  • सरकारी गेस्ट हाउस : पर्यटकों के लिए आवास की व्यवस्था।
  • निजी होटल और रिसॉर्ट : वाल्मीकिनगर और आसपास के क्षेत्रों में ठहरने के विकल्प।

बुकिंग करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध तारीख, परमिट, शुल्क और आवास की स्थिति की पुष्टि करना जरूरी है।

बाघ, तेंदुए और दूसरे वन्यजीव होंगे आकर्षण

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता और घने जंगलों के लिए जाना जाता है। यहां सफारी के दौरान पर्यटकों को प्राकृतिक आवास में वन्यजीव देखने का अवसर मिल सकता है। वीटीआर के प्रमुख आकर्षणों में बाघ, तेंदुआ, गौर यानी भारतीय बायसन, हिरण, सांभर और भालू शामिल हैं। यहां विभिन्न प्रजातियों के पक्षी और गंडक नदी से जुड़ा प्राकृतिक परिवेश भी प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करता है। हालांकि, सफारी के दौरान किसी विशेष वन्यजीव, खासकर बाघ या तेंदुए के दिखने की गारंटी नहीं होती। यह उनके प्राकृतिक व्यवहार और उस समय की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

पर्यटकों की सुरक्षा के लिए वन विभाग अलर्ट

वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा के मुताबिक, पर्यटन सत्र शुरू होने के साथ सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा पर ध्यान दिया गया है। नेचर गाइड, टूरिस्ट गाइड, सफारी चालक, वनपाल और वनरक्षियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य पर्यटकों को जंगल सफारी का बेहतर अनुभव देना और वन क्षेत्र में सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व घूमने जाने से पहले जान लें

अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ वीटीआर घूमने की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा से पहले सफारी परमिट और ठहरने की उपलब्धता जांच लें। मौसम, वन मार्गों की स्थिति और वन विभाग के निर्देशों के अनुसार सफारी संचालन में बदलाव हो सकता है। इसलिए जाने से पहले जरूरी जानकारी जुटा लें।