पटना, 16 अगस्त। बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर और जनसुराज की सक्रियता एक बार फिर बढ़ने की चर्चा है। बांकीपुर के बाद अब पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की तैयारी में जुटी है। इसी कड़ी में प्रशांत किशोर के सितंबर से बिहार के अलग-अलग इलाकों की यात्रा पर निकलने की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान वे गांवों, पंचायतों और कस्बों में पहुंचकर लोगों से संवाद और जनसभाएं कर सकते हैं।
संगठन विस्तार पर जनसुराज का फोकस
जनसुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के मुताबिक, पार्टी आने वाले दिनों में कई कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रही है। हालांकि प्रशांत किशोर की प्रस्तावित यात्रा को लेकर अंतिम फैसला पार्टी की कार्यकारिणी बैठक के बाद लिया जाएगा। संगठन का मुख्य लक्ष्य पंचायत स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करना बताया जा रहा है।
सितंबर से शुरू हो सकती है यात्रा
मिली जानकारी के अनुसार, प्रशांत किशोर सितंबर से बिहार यात्रा शुरू कर सकते हैं। यह यात्रा करीब तीन महीने चलने की संभावना है। इस दौरान अलग-अलग जिलों के गांवों और पंचायतों में जाकर लोगों से संवाद करने के साथ जनसुराज के संगठन विस्तार पर जोर दिया जाएगा।
पहले भी कर चुके हैं बिहार का दौरा
प्रशांत किशोर इससे पहले भी बिहार में लंबी पदयात्रा कर चुके हैं। विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने प्रदेश के कई हिस्सों का दौरा कर लोगों से सीधे संवाद किया था। अब आगामी चुनावों को देखते हुए एक बार फिर व्यापक जनसंपर्क अभियान की तैयारी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधान परिषद और पंचायत चुनाव पर नजर
जनसुराज की नजर आगामी विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों के साथ पंचायत चुनाव पर भी है। पार्टी इन चुनावों के जरिए स्थानीय स्तर पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर सकती है। प्रशांत किशोर पहले ही हर जिले में संगठन को मजबूत करने और जिला परिषद स्तर पर नेतृत्व तैयार करने की बात कह चुके हैं।
चिराग पासवान ने की प्रशांत किशोर की तारीफ
इस बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रशांत किशोर की राजनीतिक शैली की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर जाति और धर्म के बजाय बिहार के विकास और रोजगार जैसे मुद्दों पर बात करते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि आने वाले वर्षों में प्रशांत किशोर के सामने कई राजनीतिक चुनौतियां रहेंगी।
बिहार की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
प्रशांत किशोर की प्रस्तावित यात्रा से बिहार की राजनीति में नई हलचल की संभावना जताई जा रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जनसुराज किस रणनीति के साथ गांव-गांव पहुंचता है और आगामी चुनावों में संगठन को कितनी मजबूती मिलती है।




