पटना, 2 नवंबर 2026 : बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को विधानसभा सचिवालय की ओर से नोटिस जारी किया गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) की ओर से उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर की गई शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है। विधानसभा ने विधायक अनंत सिंह से सात दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। सोमवार यानी दो नवंबर को अनंत सिंह को विधानसभा का नोटिस प्राप्त हुआ। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के निर्देश पर विधानसभा सचिव संजय कुमार सिंह ने यह नोटिस जारी किया है। अब विधायक अनंत सिंह के जवाब के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

JDU ने की थी अनंत सिंह की विधायकी खत्म करने की मांग

विधायक अनंत सिंह के खिलाफ विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग जनता दल यूनाइटेड की ओर से की गई थी। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को आवेदन सौंपकर शिकायत की थी। इस शिकायत में विधायक अनंत सिंह पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। इसी आधार पर JDU ने उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी।

शिकायत के साथ सौंपे गए अखबारों की कटिंग और CD

JDU ने अपनी शिकायत के समर्थन में विधानसभा अध्यक्ष को कई दस्तावेज भी सौंपे थे। इनमें अखबारों की कटिंग, सीडी और अन्य साक्ष्य शामिल बताए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने शिकायत और उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों पर विचार करने के बाद मामले में आगे की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। इसके बाद विधानसभा सचिवालय की ओर से अनंत सिंह को नोटिस जारी किया गया।

सात दिनों के भीतर देना होगा जवाब

विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी नोटिस में अनंत सिंह को सात दिनों के अंदर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। सोमवार को उन्होंने नोटिस प्राप्त कर लिया। फिलहाल उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अब सभी की नजर अनंत सिंह के जवाब और विधानसभा अध्यक्ष के अगले फैसले पर है।

क्या खत्म हो जाएगी अनंत सिंह की विधायकी ?

इस मामले में अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है। विधायक अनंत सिंह को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। उनके जवाब और शिकायत से जुड़े तथ्यों पर विचार करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष आगे का निर्णय लेंगे। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि JDU की शिकायत के बाद विधानसभा सचिवालय ने सदस्यता समाप्त करने की मांग से जुड़े मामले में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।