पटना, 20 अगस्त 2026 : बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद और सत्ता समीकरण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मोकामा विधायक और JDU नेता अनंत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। इन दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद एक बार फिर बिहार की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मुलाकात के दौरान दोनों नेता काफी सहज नजर आए और नीतीश कुमार खुद अनंत सिंह को घर के बाहर तक छोड़ने पहुंचे। अनंत सिंह पहले भी बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में BJP की हार को लेकर खुलकर अपनी राय रख चुके हैं। उनके बयानों को अब नीतीश कुमार से हुई इस मुलाकात के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।

नीतीश कुमार से मिले अनंत सिंह, सियासी हलचल तेज

अनंत सिंह गुरुवार को नीतीश कुमार के 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचे। उन्होंने JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं की तस्वीरें सामने आईं, जिसमें दोनों मुस्कुराते हुए नजर आए। बाहुबली अनंत सिंह के विदा होने के दौरान नीतीश कुमार उन्हें घर के बाहर तक छोड़ने भी पहुंचे। इस आत्मीय मुलाकात ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को और हवा दे दी है।

बांकीपुर हार पर BJP को पहले ही घेर चुके हैं अनंत सिंह

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में BJP उम्मीदवार की हार के बाद अनंत सिंह ने पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि BJP को इस बात का घमंड हो गया था कि वह कोलकाता और मुंबई जैसे चुनाव जीत चुकी है। अनंत सिंह ने बांकीपुर के नतीजे को नीतीश कुमार से जोड़ते हुए कहा था कि जनता के बीच यह संदेश गया कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया है। उनके मुताबिक, इसका असर चुनावी नतीजे पर भी पड़ा।

प्रशांत किशोर की जीत पर भी बोले थे अनंत सिंह

बांकीपुर में जन सुराज के प्रशांत किशोर की जीत पर अनंत सिंह का रुख BJP के मुकाबले अलग रहा। उन्होंने प्रशांत किशोर को अच्छा और ईमानदार व्यक्ति बताया था। उन्होंने कहा था कि प्रशांत किशोर अच्छा काम करेंगे। वहीं, BJP की हार को उन्होंने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने के फैसले से जोड़कर देखा था।

नीतीश के सीएम पद से हटने पर जताई थी नाराजगी

नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद अनंत सिंह ने खुलकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने इसे सही फैसला नहीं बताया था। यहां तक कि उन्होंने राजनीति से दूरी बनाने और अपने बेटे को चुनावी मैदान में उतारने की बात भी कही थी। जदयू विधायक अनंत सिंह का कहना था कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने का फैसला जनता को पसंद नहीं आया और इसका राजनीतिक नुकसान BJP को उठाना पड़ा तथा आगे भी इसका असर देखने को मिलेगा।

क्या नीतीश की यात्रा से पहले हुई खास मुलाकात ?

मालूम हो कि जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार ने अक्टूबर से बिहार में यात्रा शुरू करने की घोषणा की है। यह यात्रा पूर्व मुख्यमंत्री और JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर उनकी सक्रियता को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में बाहुबली अनंत सिंह की नीतीश कुमार से मुलाकात को उनकी आगामी राजनीतिक सक्रियता से जोड़कर भी देखा जा रहा है। अनंत सिंह लगातार यह संकेत देते रहे हैं कि वह नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति में सक्रिय देखना चाहते हैं।

क्या बेटे की राजनीति को लेकर भी हुई चर्चा ?

अनंत सिंह पहले ही मोकामा से अपने बेटे को चुनाव लड़ाने की बात कह चुके हैं। उन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ने का संकेत दिया था। ऐसे में नीतीश कुमार से हुई मुलाकात को लेकर यह चर्चा भी है कि क्या दोनों नेताओं के बीच मोकामा और अनंत सिंह के राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई बातचीत हुई? हालांकि, मुलाकात के बाद इस संबंध में दोनों नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

मुलाकात के सियासी मायने क्या ?

नीतीश कुमार और अनंत सिंह की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब बिहार की राजनीति में नए समीकरण तेजी से चर्चा में हैं। एक तरफ BJP और JDU के बीच सत्ता समीकरण को लेकर बहस है, तो दूसरी तरफ प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उभार ने भी राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ाई है। ऐसे में अनंत सिंह का नीतीश के साथ खड़ा होना और BJP की बांकीपुर हार पर पहले दिए गए उनके बयान एक खास राजनीतिक संदेश के तौर पर देखे जा रहे हैं। हालांकि, मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन नीतीश कुमार और अनंत सिंह की आत्मीय मुलाकात ने बिहार की सियासत में नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया है।