पटना, 24 अगस्त। बिहार में प्रस्तावित 12 सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार ने नया मॉडल तैयार किया है। किसानों और जमीन मालिकों की आपत्तियों को देखते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग की टीम अब सीधे रैयतों के बीच जाकर जमीन उपलब्ध कराने के अलग-अलग विकल्प समझाएगी। सरकार की योजना में लैंड पूलिंग, जमीन खरीद या अधिग्रहण, आपसी समझौता और हाइब्रिड मॉडल शामिल हैं।
पहले किसानों की सहमति से लैंड पूलिंग पर जोर
सरकार की पहली प्राथमिकता लैंड पूलिंग के जरिए जमीन जुटाने की है। इसमें रैयत अपनी जमीन टाउनशिप विकास के लिए उपलब्ध कराएंगे और उसके बाद सड़क, नाली, पार्क जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विकास के बाद तैयार जमीन का 55 प्रतिशत हिस्सा जमीन मालिकों को वापस दिए जाने का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, वापसी की जमीन टाउनशिप के विकसित क्षेत्र में किसी दूसरे स्थान पर भी हो सकती है।
जरूरत पड़ने पर जमीन खरीद या अधिग्रहण
जहां लैंड पूलिंग से जरूरी जमीन उपलब्ध नहीं होगी, वहां सरकार जमीन मालिकों से सीधे जमीन खरीदने का विकल्प अपनाएगी। सार्वजनिक सुविधाओं के लिए आवश्यक जमीन के मामले में सहमति नहीं बनने पर निर्धारित नियमों के तहत अधिग्रहण का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
आपसी समझौते से अतिरिक्त लाभ का विकल्प
तीसरे विकल्प में किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन देने की अपील की जाएगी। इसके बदले जमीन मालिकों को अतिरिक्त लाभ देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसमें अतिरिक्त FAR, TDR और विकास शुल्क में छूट जैसे प्रावधान शामिल बताए गए हैं।
चौथा विकल्प होगा हाइब्रिड मॉडल
अगर शुरुआती विकल्पों से जरूरत पूरी नहीं होती है, तो सरकार हाइब्रिड मॉडल अपना सकती है। इसमें लैंड पूलिंग, समझौता, जमीन खरीद और जरूरत पड़ने पर अधिग्रहण को मिलाकर जमीन जुटाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य किसी एक प्रक्रिया पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विकल्प चुनना है।
पाटलिपुत्र टाउनशिप 30 सेक्टर में होगी विकसित
प्रस्तावित पाटलिपुत्र टाउनशिप को 30 सेक्टर में विकसित करने की योजना है। इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का अध्ययन कराया जा रहा है। यह अध्ययन पूरा होने के बाद जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि किसानों और रैयतों से सीधे संवाद कर योजना के लाभ और जमीन देने की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाएगा।




