वैशाली | 09 जुलाई 2026

बिहार के वैशाली जिले से सरकारी विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। गोरौल प्रखंड की सोन्धो दूल्ह पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरे के बीच संचालित हो रहा है। विद्यालय के ठीक बगल में सालभर पानी से भरा गहरा तालाब है, लेकिन परिसर के चारों ओर अब तक बाउंड्री वॉल का निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में हर दिन स्कूल पहुंचने वाले बच्चों के साथ किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।

229 बच्चों की पढ़ाई, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं

वर्ष 1959 में स्थापित इस विद्यालय में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है। यहां कुल 229 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें प्रतिदिन करीब 170 से 180 बच्चे स्कूल आते हैं। विद्यालय में आठ कमरे हैं, लेकिन इनमें से दो कमरे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता है, जिससे पढ़ाई भी प्रभावित होती है। खेल सामग्री उपलब्ध होने के बावजूद पर्याप्त खेल मैदान नहीं होने से बच्चों को खेल गतिविधियों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

अभिभावकों और शिक्षकों में अनहोनी का डर

स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजने के बाद हर समय चिंता बनी रहती है। उनका कहना है कि यदि जल्द बाउंड्री वॉल नहीं बनी तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सोहन कुमार ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार शिक्षा विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

शिक्षा विभाग ने दिया सुधार का आश्वासन

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुशील कुमार ने स्वीकार किया कि विद्यालय तालाब के किनारे स्थित है और बाउंड्री वॉल नहीं होने से बच्चों एवं शिक्षकों को परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। साथ ही खेल मैदान और बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही सुरक्षा संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।