पटना | 10 जुलाई 2026

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना लाखों युवा देखते हैं। एसडीएम (Sub-Divisional Magistrate), डीएसपी (Deputy Superintendent of Police), बीडीओ और अन्य प्रशासनिक पदों पर चयनित होने के बाद अधिकारियों को न केवल प्रतिष्ठित पद मिलता है, बल्कि आकर्षक वेतन और कई सरकारी सुविधाएं भी प्राप्त होती हैं। ऐसे में इन पदों की सैलरी को लेकर अभ्यर्थियों में हमेशा उत्सुकता बनी रहती है।

SDM और DSP की कितनी होती है सैलरी?

पूर्व डीएसपी डॉ. अखिलेश कुमार के अनुसार, BPSC के माध्यम से चयनित एसडीएम और डीएसपी जैसे अधिकारी पे-लेवल 9 में आते हैं। इस स्तर पर शुरुआती बेसिक सैलरी लगभग ₹53,000 से ₹54,000 होती है। इसके अलावा अधिकारियों को महंगाई भत्ता (DA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य सरकारी भत्ते भी दिए जाते हैं, जिससे कुल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

ग्रॉस और इन-हैंड सैलरी

यदि किसी अधिकारी को सरकारी आवास उपलब्ध नहीं होता, तो उन्हें पोस्टिंग के स्थान के अनुसार हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी मिलता है। सभी भत्तों को जोड़ने के बाद लेवल-9 अधिकारियों की ग्रॉस सैलरी लगभग ₹80,000 से ₹90,000 प्रति माह तक पहुंच जाती है। वहीं, नई पेंशन योजना (NPS) के तहत आवश्यक कटौती के बाद इन-हैंड सैलरी करीब ₹75,000 प्रति माह रहती है।

सरकारी सुविधाएं भी हैं बड़ा आकर्षण

वेतन के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों को सरकारी आवास, सरकारी वाहन (पद के अनुसार), चिकित्सा सुविधाएं, अवकाश, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। यही कारण है कि BPSC के जरिए मिलने वाली सरकारी नौकरी युवाओं के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय मानी जाती है।

युवाओं के लिए सुनहरा करियर विकल्प

विशेषज्ञों का मानना है कि BPSC के माध्यम से प्रशासनिक सेवा में चयन केवल सम्मानजनक करियर ही नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिरता और दीर्घकालिक सुरक्षा भी प्रदान करता है। इसी वजह से हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।