कानपुर | 21 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश के कानपुर में नेटवर्क मार्केटिंग की आड़ में चल रहे 100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित ठगी रैकेट का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने हनुमंत विहार स्थित एक मैरिज लॉन में छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि कंपनी के सीएमडी समेत कई अन्य आरोपी अभी फरार हैं। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

17 हजार रुपये लेकर बनाते थे सदस्य

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी युवाओं से 17-17 हजार रुपये लेकर उन्हें कंपनी का सदस्य बनाते थे। इसके बाद नए लोगों को जोड़ने पर मोटी कमाई और नियमित आय का लालच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार कंपनी की कमाई किसी उत्पाद की बिक्री से नहीं, बल्कि नए सदस्य जोड़ने पर आधारित थी।

60 हजार से ज्यादा युवाओं को बनाया शिकार

पुलिस का दावा है कि गिरोह ने देशभर में करीब 60 हजार युवाओं को अपने नेटवर्क में जोड़कर 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। अकेले कानपुर के लगभग दो हजार युवक इस जाल में फंसाए गए। जांच में पता चला कि इस नेटवर्क का संचालन बिहार से किया जा रहा था और इसके सेंटर उत्तर प्रदेश, बिहार समेत नौ राज्यों में सक्रिय थे।

वेब सीरीज से मिली जांच की दिशा

एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि हाल ही में रिलीज हुई 'पिरामिड स्कीम' वेब सीरीज देखने के बाद जांच टीम को इस तरह के नेटवर्क की कार्यप्रणाली समझने में मदद मिली। उसी आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर कार्रवाई की। फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।