पटना | 13 जुलाई 2026

पटना में वाहन जांच अभियान के दौरान पुलिस ने शराब तस्करी के एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जिसने सभी को चौंका दिया। परसा बाजार थाना पुलिस ने बिहार सरकार के एक संयुक्त सचिव की नेम प्लेट लगी कार से 560 लीटर देशी महुआ शराब बरामद की है। मामले में वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सप्ताहांत में सरकारी अधिकारी के नाम और पद का कथित तौर पर फायदा उठाकर शराब की तस्करी करता था।

वाहन जांच के दौरान हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस के अनुसार, नियमित वाहन जांच अभियान के दौरान BR01JZ-5343 नंबर की डिजायर कार को रोककर तलाशी ली गई। कार पर "संयुक्त सचिव, मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय, सामान्य प्रशासन विभाग" की नेम प्लेट लगी हुई थी। जांच के दौरान कार की डिक्की और अन्य हिस्सों से कुल 560 लीटर देशी महुआ शराब बरामद हुई। इसके बाद चालक को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

गिरफ्तार चालक की पहचान पुनपुन थाना क्षेत्र के समनचक डुमरी निवासी सुधीश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि यह वाहन सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से संयुक्त सचिव के उपयोग के लिए किराये पर लिया गया था। सोमवार से शुक्रवार तक वह अधिकारी को सचिवालय लाने-ले जाने का काम करता था, जबकि शनिवार और रविवार को कथित रूप से उसी कार और सरकारी नेम प्लेट का इस्तेमाल शराब तस्करी के लिए करता था। आरोपी को भरोसा था कि सरकारी अधिकारी का बोर्ड देखकर पुलिस वाहन की जांच नहीं करेगी।

उत्पाद अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बरामद शराब और वाहन को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तस्करी में कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह शामिल था या नहीं।

सरकारी पहचान के दुरुपयोग पर सख्ती

परसा बाजार थाना प्रभारी मेनका रानी ने कहा कि सरकारी पहचान का दुरुपयोग कर अवैध कारोबार करना गंभीर अपराध है। उन्होंने बताया कि अब वरिष्ठ अधिकारियों की नेम प्लेट लगे वाहनों की भी आवश्यकतानुसार सघन जांच की जाएगी, ताकि सरकारी व्यवस्था की आड़ में होने वाले किसी भी अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।