पटना | 14 जुलाई 2026
पटना जंक्शन से अपहृत बंटी यादव हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि अवैध शराब के कारोबार से होने वाली कमाई में हिस्सेदारी को लेकर हुए विवाद के कारण बंटी यादव की हत्या की गई। मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
अपहरण का वीडियो बना जांच का अहम सुराग
जक्कनपुर थाना क्षेत्र निवासी किरण देवी ने 6 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका बेटा बंटी यादव पटना जंक्शन की दूध मंडी दही लेने गया था। इसी दौरान रविश कुमार उर्फ बीसी, रोहित कुमार और अन्य लोगों ने कथित रूप से उसके साथ मारपीट कर उसका अपहरण कर लिया। घटना का वीडियो भी पुलिस को मिला, जिसने जांच को नई दिशा दी।
चार एसआईटी गठित कर शुरू हुई कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने चार विशेष एसआईटी का गठन किया। टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, टावर डंप, सोशल मीडिया गतिविधियों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। प्रारंभिक कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
खेत से बरामद हुआ बंटी यादव का शव
जांच के दौरान 11 जुलाई को अथमलगोला थाना क्षेत्र के फुलेलपुर फोरलेन के नीचे खेत से मिट्टी में दबा बंटी यादव का शव बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए रौशन कुमार और अजीत कुमार सहनी को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
अवैध शराब के कारोबार में हिस्सेदारी बना हत्या का कारण
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रविश कुमार उर्फ बीसी कथित रूप से मोनी किन्नर के साथ उत्तर प्रदेश से अवैध शराब लाकर उसकी बिक्री करता था। इसी कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर बंटी यादव और रविश के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में आरोपियों ने अपहरण की साजिश रची, बंटी की हत्या की और शव को खेत में बालू व मिट्टी से ढककर छिपा दिया।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मुख्य साजिशकर्ता समेत फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




