अयोध्या | 15 जुलाई 2026

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार सुबह पुलिस टीम जिला जेल पहुंची और अदालत से मिली 14 घंटे की पुलिस रिमांड के आधार पर दो आरोपियों—सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रामाशंकर मिश्रा—को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि दोनों से पूछताछ के दौरान कथित गबन के तरीके, धन के लेन-देन और पूरे नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

रिमांड के दौरान कई अहम सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस

जांच अधिकारियों के अनुसार, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव राम मंदिर में चढ़ावे की नकदी की गिनती और उसके रिकॉर्ड के रखरखाव से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाते थे। ऐसे में उनसे नकदी की गणना, लेखा-जोखा, रिकॉर्ड प्रबंधन और कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में विस्तार से पूछताछ की जाएगी। वहीं दूसरे आरोपी रामाशंकर मिश्रा से भी मामले के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी।

SIT की निगरानी में आगे बढ़ रही जांच

राम मंदिर दान चोरी का यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पूरे प्रकरण की जांच विशेष जांच दल (SIT) की निगरानी में की जा रही है। जांच एजेंसियां बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच कर रही हैं। अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद

अधिकारियों का मानना है कि 14 घंटे की रिमांड के दौरान पूछताछ से गबन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, धन के प्रवाह और संभावित नए आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले में अन्य लोगों पर भी कार्रवाई संभव है।