पटना | 16 जुलाई 2026
बिहार में पूर्ण शराबबंदी को और प्रभावी बनाने के लिए मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब राज्य के सभी उत्पाद चेकपोस्ट प्रभारियों का हर दो महीने में अनिवार्य रूप से तबादला किया जाएगा। इसके साथ ही सभी चेकपोस्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से की जाएगी। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से शराब तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा और चेकपोस्ट पर पारदर्शिता बढ़ेगी।
औचक निरीक्षण में सचिव ने दिए सख्त निर्देश
बुधवार को विभागीय सचिव नवीन कुमार ने पटना के कुम्हरार स्थित मुख्य उत्पाद रसायन परीक्षक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और चेकपोस्ट प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अभिलेखों को नियमित रूप से अपडेट रखने और संदिग्ध वाहनों की आधुनिक उपकरणों से अनिवार्य जांच करने के निर्देश भी दिए गए।
डिजिटल लॉक और 48 घंटे में जांच रिपोर्ट
बैठक में बिहार में प्रवेश करने वाले अल्कोहल से जुड़े वाहनों में डिजिटल लॉक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पोस्टर और जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। वहीं, जब्त किए गए नमूनों की रासायनिक जांच रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने को भी अनिवार्य बनाया गया, ताकि कार्रवाई में किसी तरह की देरी न हो।
ड्रोन से होगी तस्करों पर निगरानी
सचिव ने ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी निरीक्षण किया और विभिन्न जिलों से मिल रही लाइव फीड की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि ड्रोन तकनीक का उपयोग कर अवैध शराब निर्माण, भंडारण और तस्करी पर लगातार नजर रखी जाए। निरीक्षण के दौरान विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। विभाग का दावा है कि नई व्यवस्था से शराब तस्करों पर शिकंजा और मजबूत होगा।




