रांची | 14 जुलाई 2026

रांची की विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने नाबालिग छात्रा की अश्लील तस्वीर खींचकर ब्लैकमेल करने और सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश बी.के. श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी विशाल होरो को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले को बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

पहचान का गलत फायदा उठाकर की वारदात

अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2021 में नामकुम थाना क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग छात्रा की पहचान आरोपी से हुई थी। आरोपी उसे बहाने से कोकर स्थित अपने किराये के मकान में ले गया। वहां कपड़े बदलने के दौरान उसने मोबाइल फोन से छात्रा की आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं।

सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर करता रहा ब्लैकमेल

आरोप है कि तस्वीरें लेने के बाद आरोपी ने उन्हें इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता पर लगातार मिलने का दबाव बनाया। जब छात्रा ने विरोध किया, तो आरोपी ने कथित तौर पर तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर दीं और पीड़िता व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़िता की शिकायत पर नामकुम थाना में मामला दर्ज किया गया और जांच के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।

कोर्ट के फैसले से मिला बड़ा संदेश

इस मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी नाबालिग की निजी या अश्लील तस्वीर बनाना, साझा करना या जानबूझकर आगे भेजना गंभीर अपराध है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति ऐसी तस्वीरों को फॉरवर्ड भी करता है, तो उसके खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है। अदालत का यह फैसला साइबर अपराध और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण चेतावनी माना जा रहा है।