अधिकारियों के सामने खुद को लगाई आग, फिर भड़की भीड़ ने कोर्ट कमिश्नर को बनाया निशाना

मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र स्थित अधवारी गांव में मंगलवार को जमीन विवाद से जुड़ा एक मामला उस समय हिंसक और संवेदनशील रूप ले बैठा, जब प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एक बुजुर्ग ने कथित तौर पर खुद पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

जानकारी के अनुसार, अदालत के आदेश के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम विवादित जमीन पर दखल-दिहानी कराने पहुंची थी। इसी दौरान राजेंद्र ठाकुर नामक बुजुर्ग ने कार्रवाई का विरोध करते हुए आत्मदाह का प्रयास कर लिया। देखते ही देखते आग की लपटों में घिरे बुजुर्ग को देखकर मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, माहौल बिगड़ता देख प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी वहां से हट गए। इसके बाद नाराज ग्रामीणों ने कोर्ट द्वारा नियुक्त कमिश्नर रत्नाकर झा को घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। बताया जाता है कि करीब आधे घंटे तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया।

आग से गंभीर रूप से झुलसे राजेंद्र ठाकुर को तत्काल इलाज के लिए जिरौल के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेनीपट्टी अनुमंडल अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है और बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की तैयारी की जा रही है।

बताया जा रहा है कि विवादित जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही थी। राजेंद्र ठाकुर के परिवार का दावा है कि उन्हें पहले दो बार अदालत से राहत मिल चुकी थी। वहीं दूसरे पक्ष के महेंद्र यादव के पक्ष में हाल ही में फैसला आने के बाद प्रशासन कब्जा दिलाने की प्रक्रिया पूरी करने पहुंचा था।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। डीएसपी अमित कुमार, एसडीओ शारंग पाणि पांडेय और अन्य अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और माहौल पर नजर रखी जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि आत्मदाह के प्रयास और कोर्ट कमिश्नर के साथ हुई मारपीट दोनों मामलों की जांच की जा रही है। घटना में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।