पटना, 17 जून 2026 (संख्या-cm-392): बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सह ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में राज्य के कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और 6 बड़े निर्णय लिए गए।
डबल इंजन सहयोग पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य का “डबल इंजन सहयोग” बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा बिहार को दी गई बैकलॉग राशि के लिए आभार भी व्यक्त किया।
मनरेगा भुगतान पर बड़ा फैसला
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय मनरेगा (MGNREGA) को लेकर लिया गया। इसके तहत सभी लंबित भुगतान 30 जून से पहले केंद्र सरकार के सहयोग से जारी किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीण विकास योजना 1 जुलाई से लागू
ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए महत्वाकांक्षी VB G RAM G योजना को 1 जुलाई से पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया गया है। इससे गांवों में विकास कार्यों और रोजगार को गति मिलेगी।
कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार
कृषि क्षेत्र में नवाचार के लिए प्याज, टमाटर और आम जैसे उत्पादों के लिए “आदर्श केंद्रों” की स्थापना की जाएगी। बक्सर और लखीसराय में टमाटर व प्याज के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी प्रस्तावित हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए बिहार के फलों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की योजना पर सहमति बनी।
मॉडल कृषि राज्य बनाने की दिशा में कदम
राज्य सरकार एकीकृत खेती और बिहार कृषि रोडमैप को आगे बढ़ाते हुए बिहार को कृषि क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाने की दिशा में काम कर रही है। मखाना की वैश्विक मांग को देखते हुए मखाना बोर्ड के गठन की प्रक्रिया तेज करने पर भी जोर दिया गया।
आवास, महिला सशक्तिकरण और निष्कर्ष
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 1 करोड़ 4 लाख में से 60 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। “लखपति दीदी” अभियान के तहत जीविका समूह की महिलाओं की आय बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा। साथ ही सरस मेले के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। कुल मिलाकर यह बैठक बिहार के कृषि, ग्रामीण विकास, रोजगार और महिला सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण रोडमैप साबित हुई।




