झांसी | 17 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के झांसी में विदेश में रहने वाले एक एनआरआई के बंद मकान में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गुरुवार देर रात बबीना थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को घेर लिया। इस दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी ने मौके पर ही आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के आभूषण, नकदी और अवैध हथियार बरामद किए हैं।
पुलिस पर फायरिंग के बाद हुई जवाबी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार रात करीब 1:30 बजे सूचना मिली थी कि चोरी के मामले में वांछित दोनों आरोपी गोपालपुरा रोड स्थित खैलार नहर के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को घिरा देख आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में राजस्थान के धौलपुर निवासी कदीर खान के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी रियासत निवासी जालौन ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया।
जेवर, नकदी और हथियार बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने सोने-चांदी और डायमंड के आभूषण, 3,350 रुपये नकद, 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। घायल आरोपी को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जबकि दूसरे आरोपी से पूछताछ जारी है।
बहरीन में रहते हैं मकान मालिक
पुलिस के मुताबिक, बबीना थाना क्षेत्र की शिव कॉलोनी निवासी अशोक कुमार वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके रिश्तेदार बी.के. रतनम बहरीन में नौकरी करते हैं और उनका मकान लंबे समय से बंद था। 2 जुलाई को जब घर की सफाई के लिए नौकरानी पहुंची तो मुख्य गेट का ताला टूटा मिला। घर के अंदर अलमारी से सोने-चांदी के गहने और करीब 10 हजार रुपये नकद गायब थे। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
रेकी के बाद दिया था वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले बंद मकान की कई दिनों तक रेकी की और फिर मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी थी। गुरुवार रात मिली सटीक सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि दोनों आरोपी किसी अन्य चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहे हैं या नहीं।




