जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। हत्या के विरोध में एनडीए की ओर से बुलाए गए जमशेदपुर बंद का शहर में व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, कई दुकानें और पेट्रोल पंप बंद रहे, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद के समर्थन में भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते नजर आए।
सांसद और विधायक ने संभाला मोर्चा
बंद को सफल बनाने के लिए जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में सक्रिय रहे। नेताओं ने व्यापारियों और आम लोगों से बंद का समर्थन करने की अपील की तथा कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और हिमांशु सिंह हत्याकांड में दोषियों की जल्द गिरफ्तारी तथा कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
सरयू राय बोले- अभूतपूर्व रहा बंद
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने बंद को जनता का स्वतःस्फूर्त समर्थन मिलने का दावा किया। उन्होंने कहा कि शहर के अधिकांश व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं और विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया।
सरयू राय ने कहा कि यह बंद इस बात का संकेत है कि जमशेदपुर की जनता शहर में बढ़ती अपराध की घटनाओं से बेहद चिंतित और आक्रोशित है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच में पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि अब तक ऐसी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है जिससे लोगों का भरोसा बढ़े। उनका आरोप था कि पुलिस मामले की जांच को सही दिशा में आगे बढ़ाने के बजाय उसे भटकाने का प्रयास कर रही है।
कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
बंद के दौरान भाजपा नेताओं ने झारखंड सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राज्य में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
नेताओं ने मांग की कि हिमांशु सिंह हत्याकांड की निष्पक्ष और तेज जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
प्रशासन पूरी तरह रहा अलर्ट
जमशेदपुर बंद को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरे जिले को अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित कर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
प्रशासन के अनुसार, जिले के 49 संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 630 लाठी बल, 73 दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) और 20 पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई। इसके अलावा पुलिस लगातार शहर के प्रमुख इलाकों में गश्त करती रही।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बंद के दौरान यदि कोई व्यक्ति कानून हाथ में लेने या शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनजीवन पर पड़ा असर
बंद के कारण सुबह से ही शहर के कई इलाकों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं। प्रमुख बाजारों के बंद रहने से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ा, जबकि कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के चलते किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर जारी राजनीतिक और सामाजिक विरोध के बीच अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।




