नई दिल्ली | 14 जुलाई 2026

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को हुई सुनवाई में सर्वोच्च अदालत ने उनकी जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने संबंधित हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि मामले में लंबित अपीलों की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी की जाए।

ईडी की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने और उनकी सजा पर लगी रोक हटाने की मांग की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और कहा कि जब मामला लंबे समय से लंबित है, तब इस स्तर पर हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा।

2018 में हुई थी सजा, 2021 में मिली थी जमानत

चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों को वर्ष 2018 में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील पर सुनवाई लंबित रहने के कारण वर्ष 2021 में उन्हें जमानत प्रदान की गई थी। तब अदालत ने कहा था कि अंतिम फैसला आने तक वे जमानत पर रहेंगे।

हाईकोर्ट को छह महीने की समय सीमा

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब मामले का जल्द निपटारा होना जरूरी है। अदालत ने हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों की अपीलों पर छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया जाए।

राजनीतिक हलकों में फैसले की चर्चा

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल लालू प्रसाद यादव को राहत बरकरार है, लेकिन अब सभी की नजर हाईकोर्ट में होने वाली अंतिम सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी रहेगी।