पटना | 25 जुलाई 2026
NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार में जारी छात्र आंदोलन के बीच पुलिस ने व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। राजधानी पटना समेत कई जिलों में प्रदर्शन, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में अब तक 27 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। पुलिस ने करीब 2000 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है, जबकि 93 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
270 तस्वीरें जारी, पहचान बताने पर इनाम
बिहार पुलिस ने जांच के दौरान 270 संदिग्ध प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं और आम लोगों से उनकी पहचान बताने की अपील की है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान कराने वाले व्यक्ति को ₹10,000 इनाम देने की घोषणा भी की है। पुलिस का कहना है कि तस्वीरों का मिलान सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से किया जा रहा है।
पटना में सबसे ज्यादा कार्रवाई
पटना में हुए उग्र प्रदर्शन के बाद विभिन्न थानों में 21 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में अब तक 57 छात्रों की गिरफ्तारी हुई है। आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा, हिंसा, पथराव, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमला करने जैसी धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं। पटना पुलिस ने अलग से 60 संदिग्धों की तस्वीरें जारी की हैं।
कई जिलों में प्रदर्शन जारी
पटना, जहानाबाद, बेगूसराय, दरभंगा और कटिहार समेत कई जिलों में प्रदर्शन जारी है। जहानाबाद में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हवाई फायरिंग की। वहीं, कटिहार में पथराव के दौरान एक मजिस्ट्रेट घायल हो गए।
पुलिस की अपील
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सभी का अधिकार है, लेकिन हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।




