कारा विभाग में बड़ा बदलाव
बिहार सरकार ने राज्य की जेल व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए एक साथ 30 जेल उपाधीक्षकों (Deputy Jail Superintendent) का तबादला कर दिया है। कारा एवं सुधार सेवाएं निदेशालय, गृह विभाग (कारा) की ओर से 25 जून 2026 को जारी आदेश संख्या– ज्ञापांक कारा/स्था.(उप.) 01-02/2025-6222 के तहत यह स्थानांतरण किया गया। आदेश में सभी अधिकारियों को बिना किसी विलंब के अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार का जोर
सरकार के अनुसार यह स्थानांतरण प्रशासनिक आवश्यकता, जेल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने और कारा प्रशासन में बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया है। हाल के दिनों में जेल प्रशासन को लेकर उठे सवालों और विभिन्न जेलों की कार्यप्रणाली की समीक्षा के बाद इसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
केंद्रीय कारा, मंडल कारा और उपकारा सभी प्रभावित
स्थानांतरण आदेश के तहत अधिकारियों को बिहार की केंद्रीय कारा (Central Jail), मंडल कारा (Divisional Jail) और उपकारा (Sub Jail) में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। सूची में आरा, बेगूसराय, मोतिहारी, पूर्णिया, भागलपुर, मुंगेर, समस्तीपुर, कटिहार, किशनगंज, दरभंगा, बेतिया, सीतामढ़ी, गया, नवादा, सासाराम, जहानाबाद, पटना सिटी, अररिया, हाजीपुर, शिवहर सहित कई जिलों की जेलें शामिल हैं।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
आदेश के अनुसार राजेश कुमार मिश्रा को मुंगेर मंडल कारा, रामानुज राम को मोतिहारी केंद्रीय कारा, जितेंद्र प्रसाद गुप्ता को मधेपुरा मंडल कारा, सरवर इमाम खान को शेखपुरा मंडल कारा, शिवमंगल प्रसाद को समस्तीपुर मंडल कारा, प्रेमजीत कुमार को कटिहार मंडल कारा तथा धीरज कुमार को बेतिया मंडल कारा का उपाधीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा शेष 23 अधिकारियों को भी विभिन्न केंद्रीय, मंडल और उपकाराओं में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नियमावली के तहत जारी हुआ आदेश
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह स्थानांतरण अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है। साथ ही संबंधित काराधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान सुनिश्चित कराएं, ताकि जेल प्रशासन का कार्य प्रभावित न हो।
कारा विभाग में एक साथ हुए इस बड़े फेरबदल को राज्य सरकार की प्रशासनिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई तैनाती के बाद जेलों की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और संचालन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।





