बिलौटी गांव बना आंदोलन का केंद्र
भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर महापंचायत में लोगों का आना शुरू हो गया है। भारी संख्या में लोग लगातार पहुंच रहे हैं और पूरा क्षेत्र धीरे-धीरे जनसैलाब में बदलता जा रहा है। इस कार्यक्रम को आंदोलन का अब तक का सबसे बड़ा चरण माना जा रहा है। महापंचायत में बिहार समेत कई राज्यों से लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
कई राज्यों से पहुंच रहे लोग
आयोजकों के अनुसार बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से भी बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच रहे हैं। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और जनसंगठनों के प्रतिनिधियों की भी लगातार आमद हो रही है।
5 से 10 हजार लोगों की भीड़ का अनुमान
महापंचायत के लिए बक्सर-आरा फोरलेन के पास एक बड़े बगीचे को आयोजन स्थल बनाया गया है। यहां विशाल पंडाल, मंच, पेयजल, भोजन और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति का अनुमान है कि 5 हजार से 10 हजार लोगों की भीड़ जुट सकती है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों की टीम लगातार सक्रिय है।
कई संगठनों की भागीदारी
महापंचायत में करणी सेना, परशुराम महासभा, हिंदू महासभा, ब्राह्मण महासभा, हिंदू जागरण मंच समेत कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम का मुख्य फोकस भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक प्रक्रिया और पीड़ित परिवार को कानूनी सहायता दिलाने पर है।
कानूनी रणनीति पर चर्चा की तैयारी
सूत्रों के अनुसार महापंचायत में मामले की न्यायिक जांच, आगे की कानूनी कार्रवाई और आंदोलन की दिशा को लेकर चर्चा की जा रही है। विभिन्न संगठन अपने-अपने विचार रख रहे हैं और आगे की रणनीति पर मंथन चल रहा है।
गांव में तैयारियां और माहौल गर्म
कार्यक्रम को लेकर गांव में स्थानीय स्तर पर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। पंकज त्रिपाठी, परशुराम महासभा के अंजनी तिवारी, राजा तिवारी तथा भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू ओझा समेत कई स्थानीय कार्यकर्ता लगातार व्यवस्था संभाल रहे हैं। पूरे इलाके में माहौल पूरी तरह सक्रिय और तनावपूर्ण बना हुआ है।
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भरत तिवारी एनकाउंटर पर बढ़ा जनदबाव, बिलौटी में आज बड़ी पंचायत
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर भोजपुर के बिलौटी गांव में आज महापंचायत आयोजित होगी। कई राज्यों से लोगों और सामाजिक संगठनों के शामिल होने की संभावना है।




