पटना | 09 जुलाई 2026
बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामलों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार सुबह EOU की कई टीमों ने सिवान में पदस्थापित एक्साइज इंस्पेक्टर अंकेश कुमार गोंड के खिलाफ एक साथ छापेमारी शुरू की। कार्रवाई पटना, मुंगेर और सिवान स्थित उनके कुल पांच ठिकानों पर की जा रही है। न्यायालय से तलाशी वारंट मिलने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई।
2.36 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अवैध संपत्ति का आरोप
प्रारंभिक जांच में EOU को यह जानकारी मिली है कि अंकेश कुमार गोंड ने अपनी वैध आय की तुलना में लगभग 2 करोड़ 36 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है। इसी आधार पर आर्थिक अपराध इकाई ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की है। हालांकि अंतिम आंकड़ा छापेमारी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
दस्तावेज, बैंक खाते और निवेश की हो रही जांच
छापेमारी के दौरान EOU की टीम संबंधित परिसरों से जमीन-जायदाद के दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण, निवेश संबंधी रिकॉर्ड, नकदी, आभूषण और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी अधिकारी ने कथित अतिरिक्त संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की और क्या उसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है।
छापेमारी के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून और अन्य लागू धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार पर लगातार सख्ती
बिहार में पिछले कुछ वर्षों से आर्थिक अपराध इकाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। EOU का कहना है कि सरकारी सेवा में रहते हुए अवैध तरीके से संपत्ति बनाने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल इस मामले में छापेमारी जारी है और विस्तृत रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।




