फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) | 10 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में डेढ़ साल के मासूम आरव की निर्मम हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी विराज पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में 30 मई 2026 को हुई इस दिल दहला देने वाली घटना में अदालत ने महज 40 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाकर त्वरित न्याय की मिसाल पेश की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए मजबूत सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया।
शादी का प्रस्ताव ठुकराने की रंजिश में बनाया मासूम को निशाना
पुलिस जांच के अनुसार बदायूं निवासी विराज पाठक रिश्ते में आरव की मां रति शर्मा का देवर लगता था। पारिवारिक विवाद के दौरान आरोपी रति पर शादी का दबाव बना रहा था, लेकिन प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद उसने बदला लेने की ठान ली। इसी रंजिश में उसने मासूम आरव को अपना निशाना बनाया।
टॉफी दिलाने के बहाने ले जाकर की बेरहमी से हत्या
30 मई को आरोपी मासूम आरव को टॉफी दिलाने का बहाना बनाकर सुनसान गली में ले गया। वहां उसने बच्चे को कई बार जमीन पर पटक दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी शव को घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया।
सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत
पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी। अदालत में यही वीडियो सबसे अहम साक्ष्य साबित हुआ। सुनवाई के दौरान फुटेज देखकर आरोपी अदालत में खुद को थप्पड़ मारने लगा। पुलिस ने घटना के करीब पांच घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और एक सप्ताह के अंदर करीब 80 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों के बयान भी अदालत के सामने पेश किए।
मां की मांग पूरी, अदालत ने सुनाई फांसी की सजा
मृतक आरव की मां रति शर्मा और उसकी नानी लगातार आरोपी को फांसी देने की मांग कर रही थीं। अदालत ने बचाव पक्ष की मानसिक स्थिति संबंधी दलील को खारिज करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और फांसी की सजा सुनाई। सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस और अभियोजन पक्ष की त्वरित कार्रवाई के चलते महज 40 दिनों में फैसला संभव हो सका। इस फैसले को प्रदेश में त्वरित न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।




