अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मामला, आठ लोग गिरफ्तार में, जांच जारी
अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
आरोप है कि सारी गड़बड़ी इनकी जानकारी में थे, लेकिन उसे रोकने इन्होंने दिलचस्पी नहीं ली।
गिरफ्तार किया गया मंदिर का कर्मचारी टिननू यादव राय का करीबी है।
इसके साथ ही मंदिर के 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
चढ़ावे से जुड़े धन और वस्तुओं में कथित अनियमितता और चोरी के मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को तेज कर दिया है।
मामला कैसे सामने आया
जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में चढ़ावे के रूप में आने वाले धन और सामग्री के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने आंतरिक जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में कुछ कर्मचारियों और संबंधित लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद हिरासत की कार्रवाई की गई।
हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका
हिरासत में लिए गए आठ लोगों में कुछ सुरक्षा कर्मी, चढ़ावा संग्रह से जुड़े कर्मचारी और लॉजिस्टिक सपोर्ट स्टाफ शामिल बताए जा रहे हैं। इनकी जिम्मेदारी मंदिर में आने वाले चढ़ावे की सुरक्षा, रिकॉर्डिंग और सुरक्षित भंडारण की थी। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान कुछ गड़बड़ी और अनियमितताएं सामने आईं।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई
स्थानीय पुलिस के साथ-साथ मंदिर प्रशासन की आंतरिक सुरक्षा टीम भी मामले की जांच कर रही है। सभी संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज, रिकॉर्ड रजिस्टर और चढ़ावे के हिसाब-किताब की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच शुरुआती चरण में है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आधिकारिक निष्कर्ष जारी किया जाएगा।
मंदिर प्रशासन का रुख
मंदिर प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
राम मंदिर जैसे अत्यंत संवेदनशील और आस्था से जुड़े स्थान पर सामने आया यह मामला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सत्य सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।




