पीएनजी विस्तार की रफ्तार पर उठ रहे सवाल

पटना: राजधानी पटना में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क का विस्तार लगातार जारी है, लेकिन कनेक्शन देने की धीमी गति अब उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है। अगर मौजूदा रफ्तार से ही काम चलता रहा तो पटना के हर घर तक पीएनजी कनेक्शन पहुंचाने में करीब 15 साल तक का समय लग सकता है।

100 दिनों में मिले सिर्फ 8,230 नए कनेक्शन

गेल इंडिया और जिला प्रशासन की ओर से पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, 10 मार्च से 20 जून के बीच करीब 100 दिनों में 8,230 घरों को पीएनजी कनेक्शन दिए गए। यानी औसतन हर दिन करीब 82 कनेक्शन ही दिए जा सके हैं।

पटना में 2019 से चल रहा है पीएनजी विस्तार

पटना में पीएनजी नेटवर्क विस्तार की शुरुआत साल 2019 में प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना के तहत हुई थी। इसके बाद गेल इंडिया ने शहर में पाइपलाइन बिछाने और घरों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंचाने का काम शुरू किया।

योजना शुरू हुए कई साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में घर कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, 100 दिनों में 8,230 घरों को कनेक्शन दिया गया है, जबकि लाखों घरों तक पहुंचना बाकी है

5 लाख से ज्यादा घरों तक पहुंचना बाकी

पटना नगर निगम क्षेत्र में करीब 5 लाख से अधिक घरों को पीएनजी कनेक्शन के लिए चिन्हित किया गया है। वहीं राजधानी में नए मकानों के निर्माण की रफ्तार भी 10 प्रतिशत से अधिक है, जिससे आने वाले समय में पीएनजी कनेक्शन की मांग और बढ़ने की संभावना है।

एजेंसियों और कर्मचारियों की कमी से प्रभावित हो रहा काम

गेल इंडिया के अनुसार, कनेक्शन देने की प्रक्रिया धीमी होने की मुख्य वजह चयनित एजेंसियों की कमी और पर्याप्त तकनीकी कर्मचारियों का अभाव है। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त मैनपावर मिलने के बाद कनेक्शन देने की गति को काफी बढ़ाया जा सकता है।

अब तक 37,800 से अधिक घरों में पहुंची पीएनजी सुविधा

फिलहाल पटना में 37,800 से अधिक घरों में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हो चुका है। इनमें पहले से जुड़े 29,570 घर शामिल हैं। हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे इलाके हैं जहां पाइपलाइन पहुंचने के बावजूद लोगों को कनेक्शन का इंतजार करना पड़ रहा है।

लक्ष्य पूरा करने में लग सकता है लंबा समय

अनुमान के मुताबिक, बचे हुए करीब 5 लाख घरों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंचाने में मौजूदा गति से करीब 15 साल 6 महीने तक का समय लग सकता 88है। कंपनी का कहना है कि अतिरिक्त एजेंसियों की नियुक्ति के बाद इस प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

30 जून तक लंबित कनेक्शन देने की तैयारी

गेल इंडिया के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि नई एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने के बाद लंबित आवेदनों का तेजी से निपटारा किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य 30 जून तक घरेलू उपभोक्ताओं को ज्यादा से ज्यादा पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराना है।

मीटर योजना और शुल्क को लेकर जानकारी

कंपनी के अनुसार, एकमुश्त मीटर लेने वाले उपभोक्ताओं को केवल मीटर शुल्क देना होगा। वहीं मासिक किराया योजना के तहत मीटर लेने वाले ग्राहकों को हर महीने 50 रुपये मीटर किराया देना होगा।

कई इलाकों में लोग कर रहे हैं कनेक्शन का इंतजार

राजीवनगर, केशरीनगर, इंद्रपुरी, एजी कॉलोनी, एसके पुरी, शास्त्रीनगर, जगदेव पथ, बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, दीघा, पाटलिपुत्र और नेहरू नगर समेत कई क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि आवेदन और दस्तावेज जमा करने के बाद भी उन्हें लंबे समय से कनेक्शन नहीं मिल पाया है।

पीएनजी विस्तार योजना के सामने बड़ी चुनौती

बढ़ती मांग और धीमी रफ्तार के बीच पीएनजी नेटवर्क का विस्तार अब प्रशासन और गेल इंडिया के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। आने वाले समय में अतिरिक्त संसाधनों और तेज प्रक्रिया के जरिए ही इस लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सकता है।