नई दिल्ली | 13 जुलाई 2026

देश में बैंकिंग सेवाओं को अधिक आधुनिक, आसान और हर समय उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आने वाले समय में एटीएम (ATM) केवल नकदी निकालने की मशीन नहीं रहेंगे, बल्कि 'मिनी बैंक' (Mini Bank) के रूप में विकसित किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था के तहत ग्राहक बैंक शाखा गए बिना 24 घंटे कई महत्वपूर्ण बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे बैंक शाखाओं पर भीड़ कम होगी और ग्राहकों को तेज, सुविधाजनक तथा डिजिटल बैंकिंग का बेहतर अनुभव मिलेगा।

ATM पर मिलेंगी कई नई बैंकिंग सेवाएं

नई व्यवस्था लागू होने के बाद एटीएम मशीनों को मल्टी-सर्विस बैंकिंग सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। ग्राहक केवल कैश निकासी ही नहीं, बल्कि कैश जमा, अकाउंट बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट, फंड ट्रांसफर, एटीएम पिन बदलने, चेक जमा (जहां सुविधा उपलब्ध होगी) जैसी कई सेवाओं का लाभ एक ही मशीन से उठा सकेंगे। कुछ स्थानों पर सरकारी और अन्य बैंकिंग सेवाओं को भी एटीएम नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।

ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे व्यापारियों को होगा बड़ा फायदा

इस बदलाव का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण इलाकों, छोटे शहरों और उन क्षेत्रों को मिलेगा जहां बैंक शाखाओं की संख्या सीमित है। छोटे व्यापारी भी आसानी से नकद राशि जमा कर सकेंगे, जिससे उनका समय और लागत दोनों बचेंगे। वहीं जो लोग मोबाइल बैंकिंग या इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग नहीं करते, उनके लिए एटीएम एक आसान और भरोसेमंद बैंकिंग विकल्प बन जाएगा।

कैश रीसाइक्लर मशीनों पर रहेगा जोर

बैंक अब कैश रीसाइक्लर मशीन (Cash Recycler Machine) का दायरा भी बढ़ा रहे हैं। ये मशीनें ग्राहकों द्वारा जमा किए गए नोटों की जांच कर उन्हें दोबारा अन्य ग्राहकों को जारी कर सकती हैं। इससे नकदी की उपलब्धता बेहतर होगी, बैंक की कैश मैनेजमेंट लागत घटेगी और मशीनों में बार-बार नकदी भरने की आवश्यकता कम होगी।

चरणबद्ध तरीके से लागू होगी नई सुविधा

हालांकि, सभी एटीएम पर एक साथ ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी। यह संबंधित बैंक की तैयारी, एटीएम के मॉडल और तकनीकी क्षमता पर निर्भर करेगा। जिन एटीएम में आधुनिक तकनीक होगी, वहां पहले इन सेवाओं की शुरुआत की जाएगी।

बैंकिंग व्यवस्था होगी और अधिक आसान

विशेषज्ञों का मानना है कि एटीएम के मिनी बैंक में बदलने से बैंक शाखाओं पर दबाव कम होगा, ग्रामीण बैंकिंग को मजबूती मिलेगी और ग्राहकों को 24x7 बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलेगा। आने वाले वर्षों में यह बदलाव देश की बैंकिंग व्यवस्था को अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।