पटना | 08 जुलाई 2026

बिहार में स्टेट हाईवे (SH) पर टोल टैक्स लागू करने की तैयारी अब तेज होती दिखाई दे रही है। राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) के बाद अब राज्य सरकार प्रमुख स्टेट हाईवे पर भी टोल वसूली की व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है। पथ निर्माण विभाग (Road Construction Department) ने टोल प्लाजा निर्माण, शुल्क निर्धारण और भुगतान प्रणाली को लेकर प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं तो नवंबर-दिसंबर 2026 से राज्य के चयनित स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूली शुरू की जा सकती है।

इन नियमों के तहत बनेंगे टोल प्लाजा

सरकारी प्रस्ताव के अनुसार किसी नगर निकाय की सीमा से 10 किलोमीटर के भीतर नया टोल प्लाजा स्थापित नहीं किया जाएगा। वहीं एक ही दिशा में 40 किलोमीटर के भीतर दूसरा टोल प्लाजा बनाने से भी बचा जाएगा। हालांकि, यदि बीच में कोई बड़ा पुल या विशेष परियोजना होगी तो इस नियम में छूट दी जा सकती है।

टोल शुल्क के भुगतान के लिए नकद के अलावा FASTag (ट्रांसपोंडर), स्मार्ट कार्ड और प्रीपेड डिजिटल माध्यम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वाहनों की आवाजाही सुगम बनी रहे।

इन स्टेट हाईवे पर हो सकती है टोल वसूली

सरकार जिन प्रमुख स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स लागू करने पर विचार कर रही है, उनमें एसएच-1 (पटना-दानापुर), एसएच-2 (पटना-बिहटा), एसएच-7 (गया-पंचानपुर-टेकारी), एसएच-12 (सासाराम-डेहरी), एसएच-18 (भागलपुर-हंसडीहा), एसएच-46 (मुजफ्फरपुर-शिवहर), एसएच-49 (हाजीपुर-महुआ-ताजपुर), एसएच-52 (मधुबनी-सुपौल), एसएच-54 (बेगूसराय-समस्तीपुर), एसएच-68 (पूर्णिया-बनमनखी), एसएच-73, एसएच-74, एसएच-75, एसएच-77, एसएच-78, एसएच-81, एसएच-88, एसएच-90, एसएच-95 और एसएच-102 शामिल हैं।

ये वे प्रमुख सड़कें हैं जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में निजी और व्यावसायिक वाहनों का आवागमन होता है।

राजस्व बढ़ाने और सड़क रखरखाव पर रहेगा फोकस

सरकार का मानना है कि स्टेट हाईवे पर टोल वसूली से प्राप्त राजस्व का उपयोग सड़क रखरखाव, नई सड़क परियोजनाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में किया जाएगा। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक दलों और आम लोगों के बीच बहस भी तेज हो गई है। कई संगठनों ने इसे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है, जबकि सरकार इसे बेहतर सड़क व्यवस्था और विकास के लिए आवश्यक कदम मान रही है।