पटना | 08 जुलाई 2026
बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी नौकाघाटों के संचालन और प्रबंधन को अधिक पारदर्शी तथा व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 'बिहार नौकाघाट बंदोबस्ती एवं प्रबंधन नियमावली, 2026' लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी नौकाघाटों की बंदोबस्ती खुली नीलामी के माध्यम से की जाएगी। इस नियमावली को हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचित कर लागू कर दिया गया है।
खुली नीलामी से मिलेगा संचालन का अधिकार
नई नियमावली के अनुसार नौकाघाटों की बंदोबस्ती अब पूरी तरह प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होगी। जो व्यक्ति या संस्था सबसे अधिक बोली लगाएगी, उसे तीन से पांच वर्ष तक संबंधित नौकाघाट के संचालन का अधिकार दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बंदोबस्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी राजस्व में भी इजाफा होगा।
सरकारी और निजी घाटों के लिए बने स्पष्ट नियम
नई नियमावली में सरकारी और निजी दोनों प्रकार के नौकाघाटों के संचालन के लिए विस्तृत प्रावधान किए गए हैं। इसमें नौकाघाट की स्थापना, संचालन, बंदोबस्ती, नौकाओं का पंजीकरण, टोल शुल्क वसूली, सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी, नियम उल्लंघन पर दंड और अपील की प्रक्रिया तक को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।
यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर रहेगा जोर
सरकार के अनुसार नौकाघाटों से प्राप्त होने वाली आय का उपयोग घाटों के रखरखाव, मरम्मत, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं के विकास पर किया जाएगा। इससे नदी पार करने वाले लोगों और सामान ढुलाई करने वाले व्यापारियों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था मिल सकेगी।
नदी परिवहन व्यवस्था होगी अधिक मजबूत
राज्य सरकार का कहना है कि नई नियमावली लागू होने से बिहार की नदी परिवहन प्रणाली अधिक संगठित, जवाबदेह और आधुनिक बनेगी। साथ ही नौकाघाटों के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी, अव्यवस्था कम होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों के साथ-साथ सरकारी आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।




