Patna में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। बच्चों को लू और गर्मी से बचाने के लिए स्कूलों में पेयजल, चापाकल, मिट्टी के घड़े और जागरूकता कार्यक्रमों की विशेष व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्वशिक्षा अभियान) कृतिक वर्मा द्वारा जारी निर्देश में सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालय अवर निरीक्षकों को स्कूलों की व्यवस्थाओं पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूलों में चापाकल और बोरिंग चालू स्थिति में होने चाहिए। जहां खराबी है, वहां तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है।

नई गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों में बच्चों के बीच “क्या करें और क्या न करें” विषय पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। छात्रों को तेज धूप, लू और डिहाइड्रेशन से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। बच्चों को नियमित अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित करने के साथ अलग से घंटी बजाने की भी व्यवस्था करने को कहा गया है।

स्कूल प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि परिसर में मिट्टी का घड़ा रखा जाए ताकि बच्चों को ठंडा पानी मिल सके। साथ ही बच्चों को हल्के रंग और सूती कपड़े पहनकर स्कूल आने की सलाह दी जाएगी। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि बच्चे घर से निकलते समय टोपी, गमछा या छाता का उपयोग करें।

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गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि तेज धूप के समय स्कूल परिसर में खेलकूद और अन्य बाहरी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन खाने तथा बासी भोजन से बचने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर छात्रों को ग्लूकोज, नींबू पानी, सत्तू का घोल, आम का पन्ना और नारियल पानी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम “सुरक्षित शनिवार” के तहत बच्चों को गर्मी समेत अन्य आपदाओं और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी भी दी जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि बढ़ते तापमान के बीच बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है।