बिहार में चल रहे राजस्व महा-अभियान को सफल बनाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और सशक्त कर दिया है। अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों के त्वरित निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने प्रमंडलवार विशेष मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। इसके साथ ही मुख्यालय स्तर से जिलों की प्रगति पर हर घंटे नजर रखी जा रही है।

विभाग द्वारा 11 जून से 17 जून 2026 तक राज्यभर में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की स्कैनिंग, ऑनलाइन अपलोडिंग और निष्पादन की प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित किया जाए।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राजस्व महा-अभियान के दौरान प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पादन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से मुख्यालय में एक प्रभावी मॉनिटरिंग तंत्र विकसित किया गया है, जो राज्य के सभी जिलों में चल रही गतिविधियों की लगातार समीक्षा कर रहा है।

मंत्री के अनुसार, विभाग का लक्ष्य अभियान के तहत प्राप्त लगभग 46 लाख आवेदनों की स्कैनिंग और अपलोडिंग का कार्य जल्द से जल्द पूरा करना है। इस बड़े लक्ष्य को देखते हुए मुख्यालय से प्रत्येक घंटे जिलों की प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है और अद्यतन आंकड़ों का संकलन किया जा रहा है। जिन जिलों में कार्य की गति अपेक्षित स्तर से कम पाई जा रही है, वहां तुरंत आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं ताकि काम में तेजी लाई जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान राज्य के लाखों नागरिकों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या कार्य में शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि विशेष शिविरों के दौरान प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करें और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराएं।

अभियान की प्रभावी निगरानी और अनुश्रवण के लिए विभाग ने प्रमंडलवार अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। पटना प्रमंडल की निगरानी का दायित्व अजय कुमार सरकार को सौंपा गया है, जबकि तिरहुत प्रमंडल की जिम्मेदारी संतोष कुमार चौधरी को दी गई है। कोशी एवं सारण प्रमंडल के लिए उमा शंकर को नामित किया गया है। वहीं मगध और भागलपुर प्रमंडल की निगरानी सक्षम सिंह करेंगे। दरभंगा प्रमंडल के लिए मयंक आशुतोष आनंद को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पूर्णिया एवं मुंगेर प्रमंडल की मॉनिटरिंग अश्विनी कुमार के जिम्मे होगी।

विभाग ने सभी नामित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने प्रमंडलों में चल रहे कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करें और उसकी विस्तृत प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित प्रशासनिक निर्णय लेने में आसानी होगी।

डॉ. जायसवाल ने विश्वास जताया कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से राजस्व महा-अभियान के सभी लक्ष्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अभियान के सफल क्रियान्वयन से आम लोगों को राजस्व सेवाएं अधिक सरल, पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।