पटना, 18 अगस्त 2026 : पटना में आवासीय मकानों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पटना नगर निगम ने शहर के सभी छह अंचलों में ऐसे 26,745 संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किया है। नगर निगम की ओर से कहा गया है कि तय समय में संतोषजनक जवाब और जरूरी दस्तावेज नहीं देने पर संपत्ति को सील करने के साथ जुर्माने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कार्रवाई की खास बात यह है कि पटना की मेयर सीता साहू का नाम भी नोटिस पाने वालों में शामिल है। अजीमाबाद अंचल की टीम ने बड़ी पटन देवी गली, महाराजगंज स्थित परिसर को लेकर मेयर और उनके परिवार के सदस्यों के नाम नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में भू-स्वामी शिशिर कुमार, सीता देवी और सुशांत के नाम दर्ज हैं।

आवासीय मकानों में चल रहा था व्यावसायिक इस्तेमाल

पटना नगर निगम के सर्वे में शहर के कई आवासीय परिसरों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने के मामले सामने आए हैं। निगम ने प्रॉपर्टी आईडी, सेल्फ असेसमेंट और फिजिकल वेरिफिकेशन के आधार पर ऐसे मामलों की सूची तैयार की है। मुसल्लहपुर, बाजार समिति, कंकड़बाग, एसकेपुरी, गुलजारबाग, महाराजगंज, एजी कॉलोनी, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कृष्णापुरी, लोदीपुर, आशियाना, विजय नगर, मंदिरी, दीदारगंज, मारूफगंज समेत कई इलाकों में आवासीय परिसरों के व्यावसायिक इस्तेमाल के मामले चिन्हित किए गए हैं।

मेयर सीता साहू को भी मिला नोटिस

अजीमाबाद अंचल की ओर से बड़ी पटन देवी गली, महाराजगंज स्थित परिसर के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। इसमें भू-स्वामी शिशिर कुमार, सीता देवी और सुशांत के नाम दर्ज हैं। नोटिस में आवासीय परिसर के गैर-आवासीय उपयोग को लेकर 24 घंटे के भीतर लिखित जवाब और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर निगम एकतरफा कार्रवाई कर सकता है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद तेज हुई कार्रवाई

पटना नगर निगम की यह कार्रवाई आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद तेज हुई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पटना में बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां चिन्हित की गई हैं। नगर निगम ने सभी वार्डों में नोटिस देने की प्रक्रिया तेज कर दी है और प्रतिदिन प्रत्येक वार्ड में 100 से अधिक नोटिस जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।

बांकीपुर में सबसे ज्यादा मामले

नगर निगम की ओर से तैयार सूची में बांकीपुर अंचल में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। यहां करीब सात हजार मामले चिन्हित किए गए हैं। इसके बाद कंकड़बाग और पाटलिपुत्र अंचल में करीब 6-6 हजार मामले सामने आए हैं। अन्य अंचलों में अजीमाबाद में करीब 3,400, पटना सिटी में करीब 3,000 और नूतन राजधानी अंचल में करीब 2,800 मामले पाए गए हैं।

19 अगस्त से शुरू होगी सुनवाई

नोटिस जारी होने के बाद अब संबंधित संपत्ति मालिकों और व्यवसायियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। अंचलवार सुनवाई 19 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी।सुनवाई के दौरान निगम अधिकारियों की ओर से संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और व्यावसायिक गतिविधि की वैधता की जांच की जाएगी।

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत ?

नोटिस पाने वाले संपत्ति मालिकों को सुनवाई के दौरान जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें प्रमुख रूप से : संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज, सक्षम प्राधिकार से स्वीकृत भवन का नक्शा, ऑक्यूपेंसी/अधिभोग प्रमाण पत्र, गैर-आवासीय गतिविधि से संबंधित अनुमति या NOC, आवासीय परिसर में व्यावसायिक गतिविधि को लेकर लिखित सफाई शामिल हैं।

जवाब नहीं देने पर हो सकती है सीलिंग

नगर निगम के अनुसार, जिन संपत्ति मालिकों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाएगा या जो निर्धारित सुनवाई में उपस्थित नहीं होंगे, उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसमें संपत्ति की सीलिंग और जुर्माना शामिल है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सर्वे रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कैसे सामने आए 26 हजार से ज्यादा मामले ?

पटना नगर निगम ने पहले प्रॉपर्टी आईडी और सेल्फ असेसमेंट के आधार पर डिजिटल डेटा तैयार किया है। इसके बाद मुख्य सड़कों और उनसे जुड़ी सड़कों पर स्थित व्यावसायिक गतिविधियों वाले आवासीय परिसरों की पहचान की गई। इसके बाद सफाई निरीक्षकों और सुपरवाइजरों को सूची सौंपकर घर-घर भौतिक सत्यापन कराया गया। इसी प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां सामने आईं, जहां रिकॉर्ड में संपत्ति का इस्तेमाल आवासीय बताया गया था, लेकिन मौके पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं।

अंचलवार सुनवाई की तारीखें

पाटलिपुत्र अंचल में 19, 27 अगस्त और 3 सितंबर को सुनवाई होगी। नूतन राजधानी अंचल में 20, 28 अगस्त और 5 सितंबर को सुनवाई निर्धारित है। कंकड़बाग अंचल में 21, 29 अगस्त और 7 सितंबर, बांकीपुर में 22, 31 अगस्त और 8 सितंबर को सुनवाई होगी। अजीमाबाद में 24 अगस्त, 1 और 9 सितंबर, जबकि पटना सिटी अंचल में 25 अगस्त, 2 और 10 सितंबर को सुनवाई होगी।