पटना | 14 जुलाई 2026

बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने मंगलवार को पटना जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजधानी के सभी 26 अंचलों की वर्तमान रैंकिंग संतोषजनक नहीं है और इसमें एक महीने के भीतर उल्लेखनीय सुधार दिखाई देना चाहिए। यदि अगली समीक्षा बैठक तक स्थिति नहीं बदली, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

'पिक एंड चूज' की नीति नहीं चलेगी

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि राजस्व मामलों के निपटारे में किसी भी प्रकार का भेदभाव या 'पिक एंड चूज' की नीति स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी मामलों का निष्पादन केवल नियमों और मेरिट के आधार पर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार के दबाव, सिफारिश या पैरवी के आधार पर गलत निर्णय न लें और पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करें।

एक महीने बाद फिर होगी समीक्षा

डॉ. जायसवाल ने कहा कि राजधानी में कार्यरत अधिकारियों की जिम्मेदारी अन्य जिलों की तुलना में अधिक है। ऐसे में सभी अंचलों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले एक महीने में लंबित मामलों का तेजी से निष्पादन कर रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित करें। इसके बाद दोबारा समीक्षा की जाएगी और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

लंबित मामलों के लिए चलाया जाए विशेष अभियान

मंत्री ने कहा कि जिन अंचलों में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी और अन्य राजस्व मामलों की संख्या अधिक लंबित है, वहां विशेष अभियान चलाकर समयबद्ध तरीके से उनका निपटारा किया जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आम नागरिकों, विशेषकर गरीब परिवारों को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

ईमानदारी और संवेदनशीलता से करें कार्य

बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईमानदार कार्यशैली से जनता का भरोसा मजबूत होता है और प्रशासन की विश्वसनीयता बढ़ती है। साथ ही अधिकारियों को अभियान बसेरा-2 के सभी निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश भी दिया।

दाखिल-खारिज से लेकर जन शिकायतों तक हुई समीक्षा

समीक्षा बैठक में दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, सरकारी भूमि की पहचान, राजस्व महाअभियान, लंबित आवेदनों और जन शिकायतों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाकर जनता को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए।