गया | 15 जुलाई 2026

बिहार के गया जिले में भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन कोलकाता–वाराणसी एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य किसानों के विरोध के कारण बुधवार को ठप हो गया। इमामगंज प्रखंड के चेडीस्थान गांव के पास बड़ी संख्या में प्रभावित किसानों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन का अधिग्रहण काफी पहले कर लिया गया, लेकिन अब तक कई प्रभावित परिवारों को मुआवजे की राशि नहीं मिली है। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन

प्रदर्शन में दुबहल, बंदोहरी, कादिरगंज और चेडीस्थान गांव के किसान शामिल हुए। उनका कहना है कि आधा दर्जन से अधिक परिवार आज भी मुआवजे की राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने निर्माण कार्य पूरी तरह रोकते हुए तत्काल भुगतान की मांग की।

लिखित आश्वासन मिलने तक नहीं शुरू होगा काम

प्रभावित किसान सुविन्द्र कुमार ने बताया कि उनकी जमीन अधिग्रहित किए जाने के बाद भी उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर से लेकर मुख्यमंत्री जनता दरबार तक शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने साफ कहा कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिलता या सक्षम अधिकारी लिखित आश्वासन नहीं देते, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।

निर्माण एजेंसी ने बताई तकनीकी अड़चन

निर्माण एजेंसी से जुड़े कर्मचारी धनंजय सिंह ने बताया कि कुछ भूखंडों से संबंधित तकनीकी कारणों की वजह से मुआवजे की प्रक्रिया लंबित है। संबंधित प्रस्ताव आवश्यक स्वीकृति के लिए भेजा गया है। जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी, सभी पात्र किसानों को मुआवजे का भुगतान कर दिया जाएगा। हालांकि किसानों ने इस स्पष्टीकरण से असंतोष जताया और कहा कि वे केवल वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत के बाद ही आंदोलन समाप्त करेंगे।

परियोजना पर पड़ सकता है असर

किसानों के विरोध के कारण बुधवार सुबह से एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूरी तरह बंद रहा। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो भारतमाला परियोजना के इस महत्वपूर्ण हिस्से की प्रगति प्रभावित हो सकती है। स्थानीय प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं।